नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने सोमवार को कहा कि भारत कृत्रिम मेधा (एआई) के ‘‘महाकुंभ’’ की मेजबानी कर रहा है, जहां पांच दिवसीय एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन के लिए दुनिया भर के नेता, नवोन्मेषी उद्यम, नवप्रवर्तक और शोधकर्ता एकत्र हुए हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन के नतीजों पर न केवल भारत की बल्कि पूरी दुनिया की नजर है।
उन्होंने कहा, ‘‘ दुनिया यहां एकजुट हो रही है और यह वास्तव में ऐतिहासिक है। यह भारत की प्रगति यात्रा में एक बड़ी उपलब्धि एवं गौरव का क्षण है कि हम इतनी व्यापक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के साथ इस ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ की मेजबानी कर रहे हैं जिसमें राष्ट्राध्यक्षों से लेकर प्रौद्योगिकी जगत के दिग्गज तक शामिल हो रहे हैं। ’’
मंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन के लिए नवोन्मेषी उद्यम, नवप्रवर्तक और शोधकर्ता भी यहां पहुंचे हैं।
प्रसाद ने कहा, ‘‘ इसलिए मैं कह सकता हूं कि यह वास्तव में प्रयागराज के कुंभ जैसा है। यह एआई का महाकुंभ है जिसकी मेजबानी भारत कर रहा है।’’
यह सम्मेलन 16 से 20 फरवरी तक राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित किया जा रहा है। इसमें कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं जिनमें मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, विदेशी प्रतिनिधि तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सदस्य शामिल हैं।
यह सम्मेलन ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया और फ्रांस में हुए पिछले आयोजनों के बाद चौथा एआई शिखर सम्मेलन है।
वैश्विक प्रौद्योगिकी दिग्गज सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन के साथ-साथ ब्राजील व फ्रांस सहित लगभग 20 देशों के नेता भी शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले लगभग 100 देशों के प्रतिभागियों में शामिल हैं।
गौरतलब है कि ‘महाकुंभ’ दुनिया का सबसे बड़ा एवं पवित्र हिंदू तीर्थ आयोजन माना जाता है। यह हर 12 वर्ष में प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में आयोजित किया जाता है और इसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। पिछला महाकुंभ वर्ष 2025 में आयोजित किया गया था।
भाषा निहारिका मनीषा
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