भारत में एआई कौशल सबसे अधिक, हमने अत्यधिक विनियमन से बचने की नीति अपनाई: जितिन प्रसाद

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भारत में एआई कौशल सबसे अधिक, हमने अत्यधिक विनियमन से बचने की नीति अपनाई: जितिन प्रसाद

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  • Publish Date - February 16, 2026 / 01:05 PM IST,
    Updated On - February 16, 2026 / 01:05 PM IST

नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने सोमवार को कहा कि भारत में कृत्रिम मेधा (एआई) कौशल बाकी दुनिया की तुलना में सबसे अधिक है और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अत्यधिक विनियमन से बचने की नीति अपनाई है।

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में एक सत्र के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार मुस्तैद है और सभी विचारों पर गौर करती है।

उन्होंने कहा कि सरकार समय की जरूरत के अनुसार, अपनी नीतियों और कार्यक्रमों को परिष्कृत करती रहती है।

प्रसाद ने कहा कि एआई क्षेत्र में भारत के पास दुनिया को देने के लिए दिशा, गति और व्यापकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे पास एआई कौशल सबसे अधिक है और हमने यह सुनिश्चित करने की नीति अपनाई है कि अत्यधिक नियम न लगाए जाएं, ताकि नवाचार फल-फूल सके।’’

मंत्री ने कहा, ‘‘ हम यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि ‘ग्राफिक्स प्रोसेसिंग’ इकाइयों तक यथासंभव सबसे कम लागत पर पहुंच उपलब्ध हो।’’

उन्होंने कहा कि किफायती दरों पर इन इकाइयों की उपलब्धता युवा नवोन्मेषी उद्यमों एवं आने वाली पीढ़ियों को मदद करेगी जिनके पास बेहतरीन सोच तथा ‘डिजाइन’ की क्षमताएं हैं।

मंत्री ने कहा कि भारत बड़े मॉडल से प्रतिस्पर्धा करने पर ध्यान नहीं दे रहा है ‘‘ बल्कि ऐसे विस्तार योग्य मॉडल पर काम कर रहा है जिनका असर देश के भीतर दिखाई दे।’’

उन्होंने कहा कि देश ऐसे एआई मॉडल पर ध्यान दे रहा है जिनका प्रभाव विशेष क्षेत्र, इलाके या समुदाय पर नजर आए… ‘‘ यही भारत का मुख्य लक्ष्य है। ’’

प्रसाद ने कहा कि सरकार का जोर प्रौद्योगिकी को सभी तक पहुंचाने पर है और भारत, प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण करना चाहता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ लेकिन अब बात केवल प्रौद्योगिकी तक पहुंच की नहीं है। हमें इससे यह भी सुनिश्चित करना होगा कि हर क्षेत्र में विस्तार योग्य समाधान हों… और इसके लिए हम सही स्थिति में हैं।’’

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा