भारत घरेलू उत्पादों के लिए अमेरिका में तरजीही बाजार को इच्छुक: पीयूष गोयल

भारत घरेलू उत्पादों के लिए अमेरिका में तरजीही बाजार को इच्छुक: पीयूष गोयल

भारत घरेलू उत्पादों के लिए अमेरिका में तरजीही बाजार को इच्छुक: पीयूष गोयल
Modified Date: April 20, 2026 / 06:46 pm IST
Published Date: April 20, 2026 6:46 pm IST

नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण की बातचीत के लिए वाशिंगटन में मौजूद भारतीय अधिकारियों का एक दल अमेरिका में घरेलू वस्तुओं के लिए तरजीही बाजार पहुंच से संबंधित पहलुओं पर चर्चा करेगा।

गोयल ने यहां सवांददाताओं से कहा, ‘‘हमने उनके साथ मुक्त व्यापार समझौते को लगभग अंतिम रूप दे दिया है। यह द्विपक्षीय व्यापार समझौते का पहला चरण है।’’

उन्होंने, ‘‘हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह कौन सी प्रणाली हो सकती है जिसके द्वारा भारत को अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अमेरिकी बाजार में तरजीही बाजार पहुंच मिल सके।’’

गोयल ने कहा कि भारतीय टीम वाशिंगटन में रहते हुए इन पहलुओं पर चर्चा करेगी।

अमेरिकी अधिकारियों के साथ तीन दिवसीय व्यापार वार्ता के लिए भारतीय अधिकारियों का एक दल वाशिंगटन में हैं। चूंकि अमेरिका में शुल्क परिदृश्य बदल गया है, इसलिए दोनों पक्ष समझौते की रूपरेखा पर पुनर्विचार करना चाहेंगे। समझौते की रूपरेखा पर सात फरवरी को संयुक्त बयान जारी किया गया था।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कई देशों पर लगाए गए व्यापक शुल्क के खिलाफ अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद, ट्रंप प्रशासन ने 24 फरवरी से 150 दिन के लिए सभी देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाया था।

उस रूपरेखा के अनुसार, अमेरिका ने भारत पर शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई थी। उसने रूसी तेल खरीदने पर भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले 25 प्रतिशत शुल्क को हटा दिया था और शेष शुल्क में कटौती करने वाला था। समझौते के तहत 25 प्रतिशत से 18 प्रतिशत तक की दरें तय की गई थीं। लेकिन 20 फरवरी को अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने ट्रंप द्वारा लगाए गए जवाबी शुल्क के खिलाफ फैसला सुनाया।

इसके बाद, राष्ट्रपति ने 24 फरवरी से 150 दिन के लिए सभी देशों पर 10 प्रतिशत शुलक लगाने की घोषणा की।

इन बदलावों के मद्देनजर, भारत और अमेरिका के मुख्य वार्ताकारों की फरवरी में होने वाली बैठक स्थगित कर दी गई। उसके बाद वे अब वाशिंगटन में मिल रहे हैं।

भाषा रमण अजय

अजय


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