भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था, निवेश के मजबूत अवसर उपलब्ध: सीतारमण

भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था, निवेश के मजबूत अवसर उपलब्ध: सीतारमण

भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था, निवेश के मजबूत अवसर उपलब्ध: सीतारमण
Modified Date: August 26, 2026 / 11:47 am IST
Published Date: August 26, 2026 11:47 am IST

वॉशिंगटन, 26 अगस्त (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कनाडा की संस्थाओं से निवेश का आह्वान करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और यहां व्यापक अवसर, निरंतर वृद्धि, युवा आबादी, बढ़ती खपत तथा तेजी से विकसित हो रहे पूंजी बाजारों का अनूठा संयोजन निवेश के मजबूत अवसर प्रदान करता है।

टोरंटो में भारतीय कारोबारी समुदाय के प्रमुख सदस्यों को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा, ‘‘ दीर्घकालिक नजरिया रखने वाले कनाडा के निवेशकों के लिए भारत व्यापक अवसर, निरंतर वृद्धि, युवा आबादी, बढ़ती खपत और तेजी से विकसित होते पूंजी बाजार जैसे संयोजन पेश करता है, जिसकी बराबरी करना मुश्किल है।’’

उन्होंने कहा कि भारत में बदलाव संरचनात्मक है, जो तेजी से हो रहे शहरीकरण, बढ़ते मध्यम वर्ग और विश्वस्तरीय डिजिटल बुनियादी ढांचे से प्रेरित है। इससे अर्थव्यवस्था के लगभग हर क्षेत्र में नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।

वित्त मंत्री ने वित्तीय एवं वाणिज्यिक सेवाओं तक पहुंच में बदलाव लाने में भारत की डिजिटल प्रणाली की भूमिका को भी रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे ने वित्तीय एवं वाणिज्यिक सेवाओं तक पहुंच की लागत को काफी कम किया है और उनकी पहुंच का दायरा बढ़ाया है।

सीतारमण ने कहा कि लेनदेन की मात्रा के लिहाज से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) दुनिया की सबसे बड़ी वास्तविक-समय भुगतान प्रणाली है और यह वित्तीय समावेश, दक्षता तथा नवाचार का महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में कनाडा के बैंकों, वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों और नियामकों के साथ न केवल भुगतान के क्षेत्र में बल्कि अगली पीढ़ी के डिजिटल वित्तीय बुनियादी ढांचे को आकार देने में भी सहयोग के महत्वपूर्ण अवसर मौजूद हैं।

भारत-कनाडा आर्थिक साझेदारी के बढ़ते महत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कनाडा में भारतीय प्रवासी दोनों देशों के बीच एक रणनीतिक सेतु हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘यह ऐसा समुदाय है, जो कनाडा की कंपनियों के निदेशक मंडलों, ‘बे स्ट्रीट’ के कारोबार केंद्रों और पेंशन कोषों की जोखिम समितियों में मौजूद है।’’

सीतारमण ने कहा कि भारत-कनाडा द्विपक्षीय संबंधों में हाल के समय में उल्लेखनीय बदलाव आया है। यह साझा लोकतांत्रिक एवं बहुलतावादी मूल्यों, बढ़ते आर्थिक जुड़ाव, उच्चस्तरीय संवाद और मजबूत जन-जन संबंधों से समर्थित है।

उन्होंने जून 2025 में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कनाडा के उनके समकक्ष मार्क कार्नी के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नए सिरे से मजबूत करने को लेकर बनी सहमति का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों ने भविष्य-केंद्रित रणनीतिक साझेदारी को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

सीतारमण ने कहा कि इस दिशा में प्रधानमंत्री कार्नी की इस साल की शुरुआत में भारत यात्रा के दौरान और प्रगति हुई। इस यात्रा में व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर वार्ता औपचारिक रूप से शुरू हुई, कैमीको (कनाडा की कंपनी) के साथ 2.6 अरब कनाडाई डॉलर का यूरेनियम समझौता हुआ, नवीनीकृत रणनीतिक साझेदारी के व्यापक ढांचे के रूप में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ को अपनाया गया। साथ ही 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुने से अधिक बढ़ाकर 70 अरब कनाडाई डॉलर करने की महत्वाकांक्षा की संयुक्त घोषणा की गई।

वित्त मंत्री ने कहा कि द्विपक्षीय साझेदारी अब पूंजी प्रवाह से आगे बढ़कर अधिक गहरे संस्थागत जुड़ाव की ओर बढ़ रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘ पूंजी बाजार आधुनिक वित्तीय साझेदारी का केवल एक आयाम है।’’

सीतारमण ने साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक और वित्तीय सहयोग की संभावनाओं का भी उल्लेख किया।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


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