गोयल ने भारत-जापान ‘शार्क टैंक’ स्टार्टअप श्रृंखला का दिया सुझाव

गोयल ने भारत-जापान ‘शार्क टैंक’ स्टार्टअप श्रृंखला का दिया सुझाव

गोयल ने भारत-जापान ‘शार्क टैंक’ स्टार्टअप श्रृंखला का दिया सुझाव
Modified Date: August 26, 2026 / 10:19 am IST
Published Date: August 26, 2026 10:19 am IST

तोक्यो, 26 अगस्त (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लोकप्रिय ‘शार्क टैंक’ प्रारूप की तर्ज पर भारत-जापान स्टार्टअप श्रृंखला शुरू करने का बुधवार को प्रस्ताव रखा। इसका उद्देश्य दोनों देशों के युवा स्टार्टअप को निवेशकों और संभावित कारोबारी साझेदारों से जोड़ना है।

स्टार्टअप पर आयोजित एक परिचर्चा को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि भारतीय और जापानी स्टार्टअप के बीच अधिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल संपर्क का इस्तेमाल करते हुए ऐसी निवेश प्रस्तुति (पिचिंग) से जुड़ी बैठकें ऑनलाइन आयोजित की जा सकती हैं।

गोयल ने कहा, ‘‘भारत और जापान ‘शार्क टैंक’ पहल की तरह एक निवेश प्रस्तुति श्रृंखला विकसित कर सकते हैं, जिससे युवा स्टार्टअप को अपने विचार पेश करने में मदद मिलेगी।’’

उन्होंने कहा कि भारतीय स्टार्टअप जापानी निवेशकों के सामने अपने विचार पेश कर सकते हैं जबकि जापानी स्टार्टअप भारत में साझेदार और कारोबारी अवसर तलाश सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ जूम कॉल और इंटरनेट के जरिये वैश्विक संपर्क के इस दौर में हम अधिक से अधिक निवेश प्रस्तुति सत्र आयोजित कर सकते हैं, जहां भारतीय स्टार्टअप जापानी निवेश के लिए तथा जापानी स्टार्टअप भारत में साझेदारों के लिए अपने विचार पेश कर सकें।’’

गोयल ने कहा कि यह पहल शुरुआती निवेश प्रस्तुति से आगे वास्तविक कारोबारी सहयोग की दिशा में कदम बढ़ाकर दोनों देशों के वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करने में मदद कर सकती है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम मिलकर अधिक कारोबारी संपर्क स्थापित करें और निवेश प्रस्तुति के शुरुआती चरण, फिर निवेश और उसके बाद विस्तार की दिशा में आगे बढ़ें।’’

मंत्री ने जापानी कंपनियों और स्टार्टअप को भारत के साथ काम करने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक सहयोग से समृद्धि के व्यापक अवसर पैदा होंगे।

गोयल ने कहा, ‘‘ मैं आप सभी को भारत आने और हमारे साथ मिलकर काम करने का निमंत्रण देता हूं, क्योंकि जापान और भारत मिलकर समृद्धि एवं बेहतर भविष्य के लिए सकारात्मक बदलाव की बड़ी ताकत बन सकते हैं।’’

मंत्री ने जापान के इंजीनियरिंग क्षेत्र को भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी करने का भी आमंत्रण दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं भारत-जापान गहन प्रौद्योगिकी पूंजी गलियारे का सुझाव देता हूं, जहां परिपक्व ‘यूनिकॉर्न’ कंपनियों के साथ-साथ विशेष रूप से शुरुआती चरण के वित्तपोषण के लिए बड़ी मात्रा में दीर्घकालिक पूंजी उपलब्ध हो। इससे इन स्टार्टअप के विचारों तथा नवाचारों को सफल कहानियों में तब्दील करने में मदद मिल सकती है।’’

उन्होंने कहा कि भारत डिजाइन से लेकर बड़े पैमाने पर तैनाती तक पूरी व्यवस्था उपलब्ध कराता है और देश में उत्पादों के परीक्षण के साथ-साथ उनकी बिक्री एवं बड़े पैमाने पर तैनाती के लिए भी बाजार है।

उन्होंने विश्वविद्यालयों और उद्यम पूंजी कोषों के बीच सहयोग बढ़ाने का भी सुझाव दिया।

गौरतलब है कि ‘शार्क टैंक’ एक बेहद लोकप्रिय ‘बिजनेस रियलिटी टेलीविजन शो’ है। इसमें नए उद्यमी अपने व्यावसायिक विचार, उत्पाद या सेवा को अमीर निवेशकों (जिन्हें ‘शार्क्स’ कहा जाता है) की एक समूह के सामने पेश करते हैं।

भाषा निहारिका

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