नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि भारत कच्चे तेल और इस्पात उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कोकिंग कोयले के आयात स्रोतों में विविधता लाना चाहता है और उसे अमेरिका से उच्च गुणवत्ता वाला कोकिंग कोयला लेने में ‘खुशी’ होगी।
गोयल ने कहा, “हम कच्चे तेल के अपने स्रोतों में विविधता लाना चाहते हैं। मसलन, कोकिंग कोयले के स्रोत में भी विविधता लाना चाहते हैं। कोकिंग कोयले के लिए दो-तीन भौगोलिक क्षेत्रों पर निर्भरता है और इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव होता रहता है। मैं चाहूंगा कि उच्च गुणवत्ता वाला अमेरिकी कोकिंग कोयला भारत आए।”
गोयल ने कहा कि अमेरिका कुछ ऐसे उत्पाद उपलब्ध करा सकता है जिनकी भारत को आर्थिक वृद्धि के लिए तत्काल जरूरत है। इनमें कृत्रिम मेधा (एआई) अनुप्रयोगों के लिए ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू), डेटा सेंटर उपकरण और उच्च प्रदर्शन वाले कंप्यूटिंग सिस्टम शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि भारत ऐसे कई उत्पाद बना सकता है जिनमें अमेरिका प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकता है जबकि अमेरिका प्रौद्योगिकी एवं पूंजी का मजबूत स्रोत बन सकता है।
वाणिज्य मंत्री ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 100 अरब डॉलर मूल्य के विमानों की मांग पहले से मौजूद है लेकिन स्थानीय क्षमता बढ़ाने एवं हवाई किराया कम करने के लिए और विमानों के खरीद की जरूरत होगी।
भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर बनी सहमति के तहत भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के सामान खरीदने की मंशा जताई है।
इस समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह अमेरिका जाएगा। इस समझौते पर मार्च में हस्ताक्षर होने की संभावना है।
इस माह की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल खरीद के कारण लगाए गए 25 प्रतिशत शुल्क को हटाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि भारत ने ‘महत्वपूर्ण कदम’ उठाए हैं और रूस से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से तेल आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है।
गोयल ने एआई के संभावित प्रभाव को लेकर आशंकित भारतीय आईटी कंपनियों पर शेयर बाजार की प्रतिक्रिया को ‘हास्यास्पद’ बताते हुए कहा, “एआई के विकास के लिए इन्हीं कंपनियों की जरूरत होगी।”
उन्होंने मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर कहा कि पिछले चार वर्षों में नौ समझौते किए गए हैं।
उन्होंने कहा, “ये समझौते ताकत की स्थिति से किए गए हैं। आज भारत झुककर बातचीत नहीं करता, हम भविष्य को ध्यान में रखकर बातचीत कर रहे हैं।”
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