भारत को 2047 तक विकसित देश बनने के लिए समावेशी वृद्धि की जरूरत: नीति सीईओ
भारत को 2047 तक विकसित देश बनने के लिए समावेशी वृद्धि की जरूरत: नीति सीईओ
मुंबई, 11 सितंबर (भाषा) नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनुराग जैन ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने आर्थिक वृद्धि के क्षेत्र में अच्छी प्रगति की है और 2047 तक विकसित देश बनने के लिए उसे समावेशी वृद्धि की जरूरत है।
जैन ने वैश्विक फिनटेक सम्मेलन में कहा, ‘‘कुछ राज्यों ने स्वास्थ्य और शिक्षा के मानकों पर भी बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन कुछ राज्य पीछे रह गए हैं, इसलिए हमें उन पर भी ध्यान देने की जरूरत है।’’
उन्होंने कहा कि आर्थिक समावेश के जरिये 2047 तक समृद्धि हासिल करने के लिए भारत के पास मजबूत आधार है। इसके तहत सभी लोगों को उचित शिक्षा और लाभकारी रोजगार या उद्यमिता के लिए कौशल तक पहुंच सुनिश्चित करनी होगी।
जैन ने कहा, ‘‘हम विकसित राष्ट्र बनने के लिए समावेशी वृद्धि चाहते हैं…। साथ ही, आय के स्तर पर जब आप प्रति व्यक्ति आय को मापते हैं, तो केवल इतना ही पर्याप्त नहीं है… हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि आबादी के सबसे निचले 10 प्रतिशत या 20 प्रतिशत में वास्तव में कितने लोग हैं।’’
प्रौद्योगिकी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि कोई नहीं जानता कि भविष्य कैसा होगा।
जैन ने कहा, ‘‘मुझे भरोसा है कि जो नई प्रौद्योगिकी आई है और जो आगे आएगी, वह मानव उत्पादकता में वृद्धि करेगी और जब उत्पादकता बढ़ेगी तो आय भी बढ़ेगी। इसलिए इसका वितरण होना चाहिए, जब तक कि कुछ लोग इसका लाभ अपने तक सीमित न कर लें।’’
नीति आयोग के सीईओ ने कहा कि सरकार नियमन के जरिये प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगी और बाजार में गड़बड़ी, एकाधिकार या अल्पाधिकार की अनुमति नहीं देगी।
इसी कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के प्रबंध निदेशक राम मोहन राव अमारा ने कहा कि भारत का सबसे बड़ा बैंक प्रधानमंत्री जन धन योजना के बैंक खातों में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम देख पा रहे हैं कि इन खातों की शुरुआत भले ही शून्य शेष राशि के साथ हुई थी, लेकिन अब इन खातों में औसत शेष राशि 5,000 रुपये है। इसलिए अब हम इन ग्राहकों को बचत से बीमा सुरक्षा की ओर ले जाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’’
भाषा निहारिका रमण
रमण

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