ई-कॉमर्स समझौते की अंतरिम व्यवस्था पर भारत ने डब्ल्यूटीओ में उठाए सवाल

ई-कॉमर्स समझौते की अंतरिम व्यवस्था पर भारत ने डब्ल्यूटीओ में उठाए सवाल

ई-कॉमर्स समझौते की अंतरिम व्यवस्था पर भारत ने डब्ल्यूटीओ में उठाए सवाल
Modified Date: July 9, 2026 / 08:49 pm IST
Published Date: July 9, 2026 8:49 pm IST

नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) भारत ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में ई-कॉमर्स समझौते को लागू करने के लिए किए गए अंतरिम व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। इस समझौते पर डब्ल्यूटीओ के केवल 66 सदस्य देशों के बीच सहमति बनी है।

डब्ल्यूटीओ द्वारा भारत के अनुरोध पर बृहस्पतिवार को प्रसारित एक संचार के अनुसार, 18 फरवरी और 16 दिसंबर, 2025 को महासभा से इस समझौते को डब्ल्यूटीओ समझौतों के एनेक्स-4 में शामिल करने का निर्णय लेने का अनुरोध किया गया था, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी।

एनेक्स-4 में ऐसे बहुपक्षीय व्यापार समझौते शामिल होते हैं, जो केवल उन डब्ल्यूटीओ सदस्य देशों पर लागू होते हैं जिन्होंने इन्हें स्वीकार किया है। हालांकि, ऐसे समझौतों के लिए सदस्य देशों की सर्वसम्मति आवश्यक होती है।

भारत ने 66 देशों द्वारा समर्थित इस ई-कॉमर्स समझौते का विरोध किया है और तर्क दिया है कि इस तरह के समझौते बहुपक्षीय सहमति की प्रक्रिया को दरकिनार करते हैं।

इस वर्ष 28 मार्च को 66 देशों ने ‘एग्रीमेंट ऑन इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स’ (ईसीए) को लागू करने के लिए अंतरिम व्यवस्था पर एक घोषणा जारी की थी।

भारत ने कहा, ‘‘यह संचार वर्तमान व्यवस्थाओं से जुड़े कुछ प्रणालीगत, कानूनी और संस्थागत महत्व के प्रश्न उठाता है। इन प्रश्नों का उद्देश्य डब्ल्यूटीओ के सभी सदस्यों के लिए अधिक स्पष्टता सुनिश्चित करना है।’’

भारत ने कहा कि डब्ल्यूटीओ समझौते के तहत किसी भी प्रावधान को एनेक्स-4 में शामिल करने के लिए सर्वसम्मति जरूरी है, लेकिन सहमति दो मौको पर नहीं बन सकती।

भाषा यासिर अजय

अजय


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