भारत रणनीतिक तेल भंडार जारी करने की आईईए की पहल में नहीं होगा शामिल
भारत रणनीतिक तेल भंडार जारी करने की आईईए की पहल में नहीं होगा शामिल
नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) भारत तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के प्रयासों के तहत रणनीतिक तेल भंडार जारी करने की अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) की पहल में शामिल नहीं होगा।
विश्व का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता देश भारत के पास 53 लाख टन भूमिगत रणनीतिक भंडार हैं। लेकिन वर्तमान में ये भंडार केवल 80 प्रतिशत ही भरे हुए हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जो पिछले चार वर्षों में सबसे अधिक है। ऐसे में जी-7 देशों द्वारा तेल भंडार जारी करने की संभावना पर चर्चा होनी है ताकि बाजारों में कीमतों को स्थिर किया जा सके।
सूत्र ने भारतीय भंडार जारी करने से इनकार करते हुए कहा, ‘‘यह संकट हमारी देन नहीं है। इसके लिए जिम्मेदार लोगों को इससे निपटना होगा और कीमतों को कम करने के लिए परिस्थितियां बनानी होंगी।’’
भारत के पास मौजूद भंडार का उपयोग आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में किया जाना है।
सूत्र ने कहा, ‘‘हमारी नीति ‘भारत पहले’ है।’’ भारत आईईए का पूर्ण सदस्य नहीं है और अंतर्राष्ट्रीय निकाय के निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य नहीं है।
आईईए के कार्यकारी निदेशक एफ बिरोल इस मुद्दे पर भारतीय अधिकारियों से बात करने वाले हैं।
भारत ने 2021 में अमेरिका के नेतृत्व में किए गए प्रयासों में शामिल होते हुए अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से 50 लाख बैरल तेल जारी किये थे।
सूत्रों के अनुसार, भारत की ईंधन निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की कोई योजना नहीं है क्योंकि उसके पास पेट्रोल, डीजल और एटीएफ का पर्याप्त भंडार है।
भाषा रमण
रमण

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