(योषिता सिंह)
न्यूयॉर्क, नौ जनवरी (भाषा) अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौता इसलिए नहीं हो पाया क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया।
लुटनिक ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब हाल ही में ट्रंप ने कहा था कि ‘‘मोदी जानते थे कि वह भारत के रूसी तेल खरीदने से नाखुश हैं और अमेरिका कभी भी भारत पर शुल्क बढ़ा सकता है।’’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह बयान दोनों देश के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत के दौरान दिया।
व्यापार समझौते पर अब तक छह दौर की बातचीत हो चुकी है। इस समझौते में अमेरिका में प्रवेश करने वाले भारतीय सामानों पर लगने वाले 50 प्रतिशत शुल्क के समाधान के लिए एक ढांचागत समझौता शामिल है।
लुटनिक ने बृहस्पतिवार को एक ‘पॉडकास्ट’ में कहा कि उन्होंने मोदी से राष्ट्रपति को फोन करके समझौते को अंतिम रूप देने का अनुरोध किया था। हालांकि, भारत ऐसा करने में ‘‘ असहज ’’ महसूस कर रहा था, ‘‘ इसलिए मोदी ने फोन नहीं किया।’’
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि अमेरिका ने इंडोनेशिया, फिलीपीन और वियतनाम के साथ व्यापार समझौते किए हैं लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि भारत के साथ व्यापार समझौता इन देशों से पहले हो जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘…हमने इंडोनेशिया, फिलीपीन और वियतनाम के साथ कई समझौते किए और उनकी घोषणा भी कर दी। ये सभी समझौते इसलिए ऊंची दरों पर किए गए क्योंकि बातचीत के दौरान यह मान लिया गया था कि भारत पहले ही प्रक्रिया पूरी कर लेगा… लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नतीजतन, जिन देशों के साथ पहले समझौते हुए, वे महंगे या ऊंची दर पर तय हुए। फिर बाद में जब भारत ने संपर्क (फोन) किया और कहा, ‘‘ ठीक है, हम तैयार हैं’’ तो मैंने उनसे कहा ‘‘ किस बात के लिए तैयार हैं? ’’
भाषा निहारिका मनीषा
मनीषा