donal trump/ image source: WIKIMEDIA COMMONS
Iran Israel War: वॉशिंगटन डीसी: वॉशिंगटन डीसी से एक बड़ा बयान सामने आया है। Donald Trump ने कहा कि ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान हुआ है और उसकी कई प्रमुख क्षमताएं खत्म हो चुकी हैं। ट्रंप के मुताबिक ईरान की सेना, नौसेना और संचार तंत्र लगभग नष्ट हो चुके हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के कई बड़े नेता अब नहीं रहे और उनके दो प्रमुख दलों के नेता भी जा चुके हैं, जबकि तीसरा समूह ही अब बचा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की वायुसेना पूरी तरह खत्म हो गई है और उसके सभी 32 जहाज समुद्र की गहराई में डूब चुके हैं। ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है और इसे पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने अमेरिका की प्रमुख रक्षा निर्माण कंपनियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है। इस बैठक में हथियारों के उत्पादन और भविष्य के प्रोडक्शन शेड्यूल को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। ट्रंप के अनुसार बैठक में शामिल कंपनियों ने बेहतर और आधुनिक हथियारों के उत्पादन को चार गुना तक बढ़ाने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका जितनी जल्दी हो सके अपनी सैन्य ताकत को और ऊंचे स्तर तक पहुंचाना चाहता है। ट्रंप ने यह भी बताया कि इस बैठक से करीब तीन महीने पहले ही कई रक्षा परियोजनाओं के विस्तार का काम शुरू कर दिया गया था और कई हथियार निर्माण संयंत्र पहले से ही सक्रिय हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि अमेरिका के पास मीडियम और अपर मीडियम ग्रेड के गोला-बारूद की पर्याप्त सप्लाई मौजूद है, जिसका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर किया जा सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इन संसाधनों का उपयोग ईरान से जुड़े अभियानों में भी किया जा रहा है। इस बैठक में कई बड़ी रक्षा कंपनियों के सीईओ भी शामिल हुए थे। ट्रंप के अनुसार यह बैठक आगे होने वाली एक और महत्वपूर्ण बैठक के साथ समाप्त हुई, जो दो महीने बाद आयोजित की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि देश के अलग-अलग राज्य इन नए रक्षा संयंत्रों को स्थापित करने के लिए बोली लगा रहे हैं, जिससे अमेरिका में रक्षा उद्योग के विस्तार की संभावनाएं और तेज हो सकती हैं।