भारतीय मिल संचालकों ने बांग्लादेश के दो लाख टन चावल आयात के नए कदम का स्वागत किया

भारतीय मिल संचालकों ने बांग्लादेश के दो लाख टन चावल आयात के नए कदम का स्वागत किया

भारतीय मिल संचालकों ने बांग्लादेश के दो लाख टन चावल आयात के नए कदम का स्वागत किया
Modified Date: January 19, 2026 / 10:04 pm IST
Published Date: January 19, 2026 10:04 pm IST

कोलकाता, 19 जनवरी (भाषा) भारतीय चावल मिल संचालकों और निर्यातकों ने बांग्लादेश द्वारा निजी क्षेत्र को दो लाख टन उष्णा चावल के आयात की अनुमति का स्वागत किया है। उनका दावा है कि इस कदम से पूर्वी और दक्षिणी भारत के आपूर्तिकर्ताओं के लिए निर्यात के अतिरिक्त अवसर खुले हैं।

मिल संचालकों ने कहा कि बांग्लादेश सरकार ने 232 निजी कंपनियों को 10 मार्च, 2026 तक चावल आयात करने की अनुमति दी है। यह बढ़िया और उष्णा किस्मों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बीच घरेलू कीमतों को स्थिर करने के प्रयासों का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि यह आवंटन बांग्लादेश की आयात योजना के अतिरिक्त है। इसकी घोषणा अगस्त 2025 में की गई थी, जिसमें वित्त वर्ष 2025-26 में बाढ़ से फसल के नुकसान के बाद स्टॉक को फिर से बनाने के लिए लगभग नौ लाख टन चावल आयात करने की योजना थी।

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भारतीय चावल निर्यातक महासंघ (आईआरईएफ) के अध्यक्ष, प्रेम गर्ग ने कहा कि बांग्लादेश पारंपरिक रूप से भारतीय चावल का एक स्थिर खरीदार रहा है।

गर्ग ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘बांग्लादेश एक नियमित आयातक है और आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के व्यापारी बांग्लादेश को निर्यात के प्राथमिक लाभार्थी हैं।’’ उन्होंने कहा कि निकटता और प्रतिस्पर्धी कीमतें, भारतीय आपूर्तिकर्ताओं के पक्ष में बनी हुई हैं।

उद्योग के जानकारों ने कहा कि यह नवीनतम निजी आयात का रास्ता बांग्लादेश में चावल की खुदरा और थोक कीमतों में, खासकर उष्णा चावल की कीमतों में, हुई बढ़ोतरी के बाद आई है।

भारतीय मिल संचालकों ने कहा कि बांग्लादेश के खाद्य मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, निजी आयात के लिए अनुमति दी गई पूरी मात्रा गैर-सुगंधित उष्णा चावल की है जिसमें अधिकतम पांच प्रतिशत टूटे हुए दाने हैं।

उन्होंने कहा कि आयातकों से चावल को मूल बोरियों में बेचने और जमाखोरी को रोकने के लिए आयात, भंडारण और बिक्री का विवरण जिला खाद्य नियंत्रकों को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।

निर्यातकों के अनुसार, भारत बांग्लादेश का सबसे बड़ा और सबसे किफायती आपूर्तिकर्ता बना हुआ है।

हाल की निविदा में, भारतीय सफेद चावल की कीमत लगभग 351-360 डॉलर प्रति टन थी, जबकि पाकिस्तान द्वारा पेश की गई कीमत लगभग 395 डॉलर प्रति टन थी।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण


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