इंडियन ऑयल को जून तिमाही में 2,661.37 करोड़ रुपये का घाटा, लागत बढ़ने का दिखा असर

इंडियन ऑयल को जून तिमाही में 2,661.37 करोड़ रुपये का घाटा, लागत बढ़ने का दिखा असर

इंडियन ऑयल को जून तिमाही में 2,661.37 करोड़ रुपये का घाटा, लागत बढ़ने का दिखा असर
Modified Date: July 31, 2026 / 10:01 pm IST
Published Date: July 31, 2026 10:01 pm IST

नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) को चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में एकल आधार पर 2,661.37 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है।

कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि लागत बढ़ने के बावजूद ईंधन की कीमतें स्थिर रखने से यह घाटा हुआ है।

पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 5,688.60 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था जबकि जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में उसे 11,377.51 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी।

आईओसी के चेयरमैन ए. एस. साहनी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कच्चे तेल की लागत बढ़ने के बावजूद कंपनी ने अन्य सरकारी तेल विपणन कंपनियों की तरह पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (एलपीजी) के दाम नहीं बढ़ाए। इससे हुए नुकसान की भरपाई काफी हद तक तेल रिफाइनरी मार्जिन और परिचालन दक्षता में सुधार से हुई।

उन्होंने कहा, ‘‘पहली तिमाही में कंपनी ने करीब 1.91 करोड़ टन कच्चे तेल का अब तक का सर्वाधिक प्रसंस्करण किया। साथ ही ईंधन एवं अन्य नुकसान की दर घटकर 8.04 प्रतिशत रही, जो पहले 8.5 प्रतिशत थी।’’

साहनी ने कहा कि जून तिमाही में 45 लाख टन पेट्रोल और करीब 1.8 करोड़ टन डीजल की रिकॉर्ड बिक्री हुई। इसके अलावा प्राकृतिक गैस की बिक्री भी 11 प्रतिशत बढ़ी, जिससे कंपनी के प्रदर्शन को सहारा मिला।

समीक्षाधीन तिमाही में देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी की परिचालन आय 26 प्रतिशत बढ़कर 2.75 लाख करोड़ रुपये हो गई।

उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई, लेकिन कंपनी ने पश्चिम अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका जैसे वैकल्पिक स्रोतों से खरीद बढ़ाकर कमी की भरपाई की।

साहनी ने कहा कि कंपनी ने अगस्त के पूरे माह और सितंबर के कुछ दिनों तक के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है। उन्होंने कहा कि अगले 45-50 दिनों के लिए कच्चे तेल की उपलब्धता को लेकर कोई चिंता नहीं है।

भाषा यासिर प्रेम

प्रेम


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