लागत से कम दाम पर बिकवाली से बीते सप्ताह तेल-तिलहनों के दाम टूटे, मूंगफली स्थिर
लागत से कम दाम पर बिकवाली से बीते सप्ताह तेल-तिलहनों के दाम टूटे, मूंगफली स्थिर
नयी दिल्ली, 20 सितंबर (भाषा) पैसे की तंगी के कारण कांडला बंदरगाह पर आयातकों की तरफ से लागत से नीचे दाम पर बिकवाली के चलते बीते सप्ताह लगभग सभी तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट देखी गई, जबकि मूंगफली तेल की निरंतर मांग के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के दाम स्थिर रहे।
बाजार सूत्रों ने कहा कि ऊंचे दाम के कारण सरसों खप नहीं रहा और इसकी मांग प्रभावित रहने से बीते सप्ताह सरसों तेल-तिलहन के दाम में गिरावट रही। ऊंचे दाम पर फसल खप नहीं रही और किसान नीचे दाम पर फसल बेचने से बच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मंडियों में बिनौला की नई फसल की आवक शुरू हो गयी है जिसकी वजह से बीते सप्ताह बिनौला तेल कीमतों में भी गिरावट आई।
सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन के तेल रहित खल (डीओसी) की मांग कमजोर रहने के बीच पिछले सप्ताहांत के मुकाबले सोयाबीन तिलहन के भाव भी गिरावट के साथ बंद हुए। कांडला बंदरगाह पर आयातित सोयाबीन तेल लागत से 10-11 रुपये किलो नीचे दाम पर बिक रहा है जो सोयाबीन तेल कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण है।
उन्होंने कहा कि देश के तेल-तिलहन कारोबार के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि सोयाबीन के प्रमुख उत्पादक स्थानों- ब्राजील और अर्जेंटीना से भी सोयाबीन तेल सस्ता बिक रहा है। सोयाबीन तेल की बंदरगाहों पर लागत 127 रुपये किलो बैठती है और इसे 116.50 रुपये किलो के भाव बेचा जा रहा है।
सूत्रों ने कहा कि कांडला बंदरगाह पर आयातकों को कच्चे पाम तेल (सीपीओ) को रिफाइंड कर पामोलीन बनाने की लागत 150 रुपये किलो बैठती है जबकि इसे लगभग 145 रुपये किलो के भाव बेचा जा रहा है। इस वजह से बीते सप्ताह पाम-पामोलीन तेल दाम में भी गिरावट देखी गई।
उन्होंने कहा कि बाजार में मूंगफली तेल की निरंतर मांग है जिसकी वजह से बाजार टूटने का मूंगफली तेल-तिलहन पर अधिक असर नहीं आया। बीते सप्ताह मूंगफली तेल-तिलहन के दाम स्थिर बने रहे।
बीते सप्ताह सरसों दाना 150 रुपये की गिरावट के साथ 8,150-8,200 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों तेल दादरी 350 रुपये की गिरावट के साथ 16,450 रुपये प्रति क्विंटल तथा सरसों पक्की एवं कच्ची घानी तेल क्रमश: 50-50 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 2,685-2,785 रुपये और 2,685-2,835 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुआ।
समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाना और सोयाबीन लूज का थोक भाव क्रमश: 250-250 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 6,050-6,100 रुपये और 5,900-6,000 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
इसी प्रकार, आयातकों की लागत से नीचे दाम पर बिकवाली की वजह से दिल्ली में सोयाबीन तेल 200 रुपये की गिरावट के साथ 15,300 रुपये प्रति क्विंटल, सोयाबीन इंदौर तेल 200 रुपये की गिरावट के साथ 15,100 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। दूसरी ओर, सोयाबीन डीगम तेल 300 रुपये गिरावट के साथ 11,650 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
विदेशों में आई गिरावट के बावजूद निरंतर मांग के कारण बीते सप्ताह मूंगफली तिलहन का दाम 7,600-8,175 रुपये क्विंटल, मूंगफली तेल गुजरात 17,500 रुपये क्विंटल और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,755-3,055 रुपये प्रति टिन पर स्थिर रुख के साथ बंद हुए।
समीक्षाधीन सप्ताह में सीपीओ तेल का दाम 150 रुपये की गिरावट के साथ 13,975 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। पामोलीन दिल्ली 325 रुपये की गिरावट के साथ 15,700 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल 225 रुपये की गिरावट के साथ 14,500 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
नयी फसल की आवक शुरू होने के कारण बीते सप्ताह बिनौला तेल का दाम 500 रुपये की गिरावट के साथ 15,700 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
भाषा राजेश
अजय
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