भारतीय सिंगल माल्ट व्हिस्की पर लगेगा आईएमडब्ल्यूए प्रमाणन ‘होलोग्राम’
भारतीय सिंगल माल्ट व्हिस्की पर लगेगा आईएमडब्ल्यूए प्रमाणन ‘होलोग्राम’
नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) भारतीय सिंगल माल्ट व्हिस्की की प्रामाणिकता और गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने के लिए इंडियन माल्ट व्हिस्की एसोसिएशन (आईएमडब्ल्यूए) ने प्रमाणन होलोग्राम लागू करने की घोषणा की है।
आईएमडब्ल्यूए ने बुधवार को भारतीय सिंगल माल्ट व्हिस्की के लिए ‘होलोग्राम’ के रूप में प्रमाणन ट्रेडमार्क लागू करने की घोषणा की। यह श्रेणी, प्रीमियमकरण और निर्यात के चलते घरेलू मांग में तेज वृद्धि देख रही है और वैश्विक व्हिस्की प्रेमियों के बीच अपनी स्थिति मजबूत कर रही है।
आईएमडब्ल्यूए के अनुसार, यह प्रमाणन ट्रेडमार्क ‘‘ प्रामाणिकता का आश्वासन’’ होगा, जो केवल उन विनिर्माताओं को दिया जाएगा जो एसोसिएशन द्वारा निर्धारित उत्पादन मानकों का पालन करते हैं। ये मानक वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त मानदंडों के अनुरूप हैं। साथ ही भारत की विशिष्ट भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों को भी ध्यान में रखते हैं।
बयान में कहा गया कि पात्रता के लिए विनिर्माताओं को सख्त मानदंडों का पालन करना होगा। इनमें 100 प्रतिशत माल्टेड जौ का उपयोग (बिना शीरा या न्यूट्रल स्पिरिट के), भारत में एक ही डिस्टिलरी में उत्पादन, तांबे के पॉट स्टिल में आसवन, और अधिकतम 700 लीटर की ओक बैरल में कम से कम तीन वर्ष तक परिपक्वता शामिल है।
एसोसिएशन ने कहा कि मैशिंग, आसवन और बॉटलिंग सहित पूरी उत्पादन प्रक्रिया भारत में ही की जानी चाहिए और बाहरी फ्लेवरिंग एजेंट के उपयोग की अनुमति नहीं होगी।
आईएमडब्ल्यूए के महानिदेशक मेजर जनरल (डॉ.) राजेश चोपड़ा (सेवानिवृत्त) ने कहा, ‘‘ यह प्रमाणन चिह्न केवल अनुपालन तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रामाणिकता और प्रक्रिया की शुद्धता के लिए एक साझा आधार स्थापित करने का प्रयास है।’’
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विखंडित बाजार में स्पष्टता लाना, उपभोक्ता विश्वास को मजबूत करना और इस श्रेणी के विस्तार को सत्यापित मानकों के आधार पर सुनिश्चित करना है।
जुलाई 2024 में एक गैर-लाभकारी उद्योग निकाय के रूप में स्थापित आईएमडब्ल्यूए भारतीय माल्ट व्हिस्की विनिर्माताओं का प्रतिनिधित्व करता है। साथ ही इस क्षेत्र में गुणवत्ता, प्रामाणिकता और मानकीकरण को बढ़ावा देने के लिए काम करता है।
भाषा निहारिका
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