प. एशिया संघर्ष के बावजूद 2025-26 में भारत का निर्यात रिकॉर्ड 863 अरब डॉलर पर: अधिकारी

प. एशिया संघर्ष के बावजूद 2025-26 में भारत का निर्यात रिकॉर्ड 863 अरब डॉलर पर: अधिकारी

प. एशिया संघर्ष के बावजूद 2025-26 में भारत का निर्यात रिकॉर्ड 863 अरब डॉलर पर: अधिकारी
Modified Date: June 17, 2026 / 07:01 pm IST
Published Date: June 17, 2026 7:01 pm IST

अहमदाबाद, 17 जून (भाषा) पश्चिम एशिया में संघर्ष और अमेरिकी शुल्क लगाने की वजह से वैश्विक कारोबार में रुकावटों के बावजूद वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का निर्यात रिकॉर्ड 863 अरब डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव अजय भादू ने कहा, ‘‘यह साल बहुत मुश्किल रहा है – अमेरिकी शुल्क से लेकर पश्चिम एशिया संकट तक – लेकिन इसके बावजूद, हमने साबित किया है कि निर्यात पारिस्थिकी तंत्र के मामले में भारत बहुत मजबूत है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात 863 अरब डॉलर के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया।’’

भादू अहमदाबाद में ‘आउटरीच प्रोग्राम: गुजरात के एसईजेड की 12 साल की उपलब्धियां और प्रगति तथा भविष्य का दृष्टिकोण’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि पिछले दशक में भारत का कुल निर्यात लगभग दोगुना होकर 441 अरब डॉलर से 863 अरब डॉलर हो गया है। इसमें इंजीनियरिंग सामान, पेट्रोलियम उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, रत्न और आभूषण तथा रसायन जैसे क्षेत्रों की अहम भूमिका रही है।

उन्होंने कहा कि इस विकास में गुजरात का बड़ा योगदान रहा है, जिसका निर्यात में लगभग 110 अरब डॉलर का हिस्सा है।

भादू ने कहा कि आने वाले वर्षों में विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) को बढ़ावा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘गुजरात और पूरे भारत में नए विशेष आर्थिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में, सरकार ने ढोलेरा में टाटा सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थापित किए जाने वाले एक एसईजेड को मंजूरी दी है।’’

इस कार्यक्रम में कांडला विशेष आर्थिक क्षेत्र (केएएसईजेड) के क्षेत्रीय विकास आयुक्त, ज्ञानेश्वर बी. पाटिल, गुजरात के उद्योग आयुक्त स्वरूप पी, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और व्यापार व उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए।

पाटिल ने कहा, ‘‘एसईजेड निवेश, रोजगार, नवाचार और निर्यात के मुख्य इंजन के तौर पर उभरे हैं और ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण को साकार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।’’

पाटिल ने बताया कि गुजरात में चार सेमीकंडक्टर एसईजेड को मंजूरी दी गई है, जिनमें सीजी सेमी टेक्नोलॉजीज, केन्स सेमीकॉन, टाटा सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और माइक्रोन टेक्नोलॉजी की परियोजनाएं शामिल हैं।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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