भारत के चिकित्सा प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 2030 तक 35 अरब डॉलर के अवसर की संभावना: रिपोर्ट
भारत के चिकित्सा प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 2030 तक 35 अरब डॉलर के अवसर की संभावना: रिपोर्ट
नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) भारत के चिकित्सा प्रौद्योगिकी (मेडटेक) क्षेत्र में वर्ष 2030 तक 35 अरब डॉलर के अवसर उपलब्ध होने और इस दौरान चिकित्सा उपकरणों का निर्यात बढ़कर आठ अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। बेन एंड कंपनी की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
‘बिल्डिंग ग्लोबल चैंपियंस: द एशिया-पैसिफिक रीजन्स नेक्स्ट मेडटेक वेव’ शीर्षक वाली रिपोर्ट के अनुसार, भारत से चिकित्सा उपकरणों के निर्यात में वृद्धि एशिया-प्रशांत क्षेत्र के चिकित्सा प्रौद्योगिकी नवाचार परिवेश में देश की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।
बेन एंड कंपनी की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत जैसे उच्च वृद्धि वाले बाजारों सहित एशिया-प्रशांत क्षेत्र चिकित्सा प्रौद्योगिकी के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण मांग केंद्रों में से एक बन रहा है। यह रिपोर्ट बेन एंड कंपनी ने एजेंसी फॉर साइंस, टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च (एस्टार), एंटरप्राइज सिंगापुर, जेपी मॉर्गन, एसजी ग्रोथ कैपिटल और सिंगापुर आर्थिक विकास बोर्ड के सहयोग से तैयार की है।
बेन एंड कंपनी इंडिया में स्वास्थ्य सेवा एवं जीवन विज्ञान क्षेत्र के प्रमुख और साझेदार ध्रुव सुखरानी ने कहा, ‘भारत का चिकित्सा प्रौद्योगिकी क्षेत्र एक महत्वपूर्ण बदलाव के दौर के करीब पहुंच रहा है। दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे भारत में अगले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य सेवा की मांग 10-12 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़कर 320 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है, जिससे चिकित्सा प्रौद्योगिकी के लिए मजबूत आधार तैयार होगा।’
उन्होंने कहा, ‘इससे अनुमान है कि वर्ष 2030 तक भारत के चिकित्सा प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 35 अरब डॉलर का बड़ा अवसर पैदा होगा। चिकित्सा उपकरणों का निर्यात भी 2030 तक हर साल 20 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़कर आठ अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।’
भाषा
योगेश अजय
अजय

Facebook


