Chhattisgarh PM Awas Yojana Scam: इस ग्राम पंचायत के पीएम आवास योजना में बड़ा खेला, कारनामा जानकर आपके भी उड़ जाएंगे होश, ऐसे किया गया था पूरा फर्जीवाड़ा

Chhattisgarh PM Awas Yojana Scam: ज़िले ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि के गबन (PMAY Fraud) का मामला सामने आया है।

Chhattisgarh PM Awas Yojana Scam: इस ग्राम पंचायत के पीएम आवास योजना में बड़ा खेला, कारनामा जानकर आपके भी उड़ जाएंगे होश, ऐसे किया गया था पूरा फर्जीवाड़ा

Chhattisgarh PM Awas Yojana Scam/Photo Creadit: AI Image

Modified Date: July 8, 2026 / 01:51 pm IST
Published Date: July 8, 2026 1:48 pm IST
HIGHLIGHTS
  • PM आवास योजना की राशि के कथित गबन के मामले में पंचायत मेट पर FIR दर्ज
  • करीब 1.20 लाख रुपये की राशि के दुरुपयोग का आरोप
  • पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी

जशपुर। Chhattisgarh PM Awas Yojana Scam: प्रधानमंत्री आवास योजना जिसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है, अब अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। जशपुर ज़िले के पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत पालीडीह में प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि के गबन (PMAY Fraud) का मामला सामने आया है। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद जनपद पंचायत सीईओ ने पंचायत के मेट रात्रेनंद सिदार के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।

अपनी साली के खाते में डलवाई राशि

Chhattisgarh PM Awas Yojana Scam मामला जशपुर (Pathalgaon News) के ग्राम पंचायत पालीडीह का है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अशांति नाम की हितग्राही के लिए आवास स्वीकृत हुआ था। आरोप है कि पंचायत के मेट रात्रेनंद सिदार ने हितग्राही के नाम पर स्वीकृत राशि को मिलते-जुलते नाम अपनी साली शांति के खाते में डलवाकर उसका उपयोग अपने मकान के निर्माण में कर लिया। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई गई, जिसमें अनियमितता सही पाए जाने के बाद आरोपी के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया गया। इस मामले में करीब 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि के गबन का आरोप है।

पत्नी के नाम पर मकान का निर्माण कराया

Chhattisgarh PM Awas Yojana Scam आरोपी मेट रात्रेनंद सिदार का कहना है कि स्वीकृत हितग्राही अशांति गांव में नहीं मिली उनके अनुसार, हितग्राही के अपात्र होने की स्थिति बनने पर मिलते-जुलते नाम वाली महिला शांति के खाते में राशि डलवाई गई और उसी राशि से अपनी पत्नी के नाम पर मकान का निर्माण कराया।

वहीं, दूसरी ओर, ग्राम सरपंच का कहना है कि पंचायत ने कई बार बैठक कर राशि वापस करने के लिए कहा, लेकिन पैसा जमा नहीं किया गया। इसके बाद मामले की शिकायत की गई और अब आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि इस कथित गबन में और कौन-कौन जिम्मेदार है तथा शासन की राशि की वसूली और आगे की कार्रवाई किस प्रकार की जाएगी।

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सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.