अगले साल 300 गीगावाट तक पहुंच सकती है देश की अधिकतम बिजली मांग: मनोहर लाल
अगले साल 300 गीगावाट तक पहुंच सकती है देश की अधिकतम बिजली मांग: मनोहर लाल
नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) देश की अधिकतम बिजली मांग अगले साल 300 गीगावाट तक पहुंच सकती है, जिसका मुख्य कारण डेटा सेंटर, कृत्रिम मेधा (एआई) और इलेक्ट्रिक वाहनों का तेजी से विस्तार है। केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को यह अनुमान जताया।
लाल ने यहां आयोजित 12वें ‘इंडिया एनर्जी स्टोरेज वीक 2026’ कार्यक्रम में कहा कि भारत पहले ही अधिकतम बिजली मांग के मामले में 271 गीगावाट के करीब पहुंच चुका है और इस वर्ष इसमें और बढ़ोतरी हो सकती है।
बिजली मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल मई में अधिकतम मांग 270.82 गीगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी।
बिजली मंत्री ने कहा कि वर्तमान में उपलब्ध उत्पादन क्षमता 284 गीगावाट है, जिससे मांग पूरी की जा रही है, लेकिन तेजी से बढ़ते विद्युतीकरण को देखते हुए भविष्य की जरूरतों के लिए तैयारी जरूरी है।
उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे मांग बढ़ रही है, ऊर्जा भंडारण राष्ट्रीय जरूरत बनता जा रहा है, ताकि उत्पादित बिजली का उपयोग जरूरत के समय किया जा सके।”
उन्होंने कहा कि पहले बिजली का उपयोग उत्पादन के साथ ही हो जाता था, लेकिन अब उन्नत भंडारण और ग्रिड तकनीक के जरिये इसका जरूरत के अनुरूप भंडारण और उपयोग किया जा सकता है।
उन्होंने 2070 तक ‘शुद्ध-शून्य’ उत्सर्जन लक्ष्य हासिल करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता एक दशक में 81 गीगावाट से बढ़कर 291 गीगावाट हो गई है।
उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर देते हुए सौर सेल, बैटरी और संबंधित उपकरणों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की जरूरत बताई।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
अजय

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