नयी दिल्ली, 20 जनवरी (भाषा) विमानन नियामक डीजीसीए ने मंगलवार को कहा कि लगातार नियामक निगरानी और सुधारात्मक उपायों से इंडिगो के परिचालन को स्थिर करने में मदद मिली है।
नियामक के अनुसार एयरलाइन के पास अब पर्याप्त संख्या में पायलट हैं, ताकि बिना किसी व्यवधान के नए उड़ान ड्यूटी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
पिछले महीने उड़ानों में हुए भारी व्यवधान के लिए इंडिगो पर कुल 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के कुछ ही दिनों बाद डीजीसीए ने यह भी कहा कि वह एयरलाइन के परिचालन की बारीकी से निगरानी कर रहा है।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बताया कि इसमें ”रोस्टर की मजबूती, चालक दल की उपलब्धता, पर्याप्त बफर, प्रणाली की मजबूती और एफडीटीएल आवश्यकताओं के पालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।”
नियामक ने बताया कि 19 जनवरी को हुई समीक्षा बैठक के दौरान इंडिगो ने 10 फरवरी के बाद की अनुमानित परिचालन आवश्यकताओं के मुकाबले पायलटों की पर्याप्त उपलब्धता के बारे में बताया है।
एयरलाइन के आंकड़ों का हवाला देते हुए नियामक ने कहा कि 2,280 की आवश्यकता के मुकाबले 2,400 ‘पायलट इन कमांड’ (पीआईसी) उपलब्ध हैं और 2,050 की आवश्यकता के मुकाबले प्रथम अधिकारियों की संख्या 2,240 है।
उड़ानों में भारी गड़बड़ी के कारण डीजीसीए ने 10 फरवरी तक एयरलाइन के शीतकालीन सत्र में 10 प्रतिशत की कटौती कर दी थी।
भाषा पाण्डेय रमण
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