वेदांता के चेयरमैन अग्रवाल के समर्थन में आए उद्योगपति नवीन जिंदल

वेदांता के चेयरमैन अग्रवाल के समर्थन में आए उद्योगपति नवीन जिंदल

वेदांता के चेयरमैन अग्रवाल के समर्थन में आए उद्योगपति नवीन जिंदल
Modified Date: April 18, 2026 / 07:15 pm IST
Published Date: April 18, 2026 7:15 pm IST

नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) उद्योगपति नवीन जिंदल ने शनिवार को छत्तीसगढ़ बॉयलर विस्फोट मामले में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का समर्थन करते हुए कहा कि मामले की पहले जांच होनी चाहिए और साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

वेदांता विद्युत संयंत्र में 14 अप्रैल को हुए विस्फोट में 23 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी में अनिल अग्रवाल का नाम भी शामिल किया गया है।

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में जिंदल ने घटना में श्रमिकों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने कहा, ‘छत्तीसगढ़ की यह त्रासदी बेहद पीड़ादायक है। 20 परिवारों ने सब कुछ खो दिया है। उचित मुआवजा, परिवारों को आजीविका सहायता और निष्पक्ष जांच अनिवार्य है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन बिना जांच के अनिल अग्रवाल का नाम प्राथमिकी में शामिल करना गंभीर चिंता का विषय है। पहले जांच होनी चाहिए, फिर सबूतों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और उसके बाद कार्रवाई की जानी चाहिए।’

जिंदल ने कहा कि अग्रवाल एक ऐसे व्यक्ति हैं, जो अपने दम पर आगे बढ़े, वह साधारण और पिछड़े समुदाय से आते हैं और उन्होंने शून्य से शुरुआत कर एक वैश्विक उद्यम खड़ा किया है और उस संयंत्र के संचालन में उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है।

वेदांता विद्युत संयंत्र में हुए विस्फोट में मृतकों की संख्या शनिवार को बढ़कर 23 हो गई, क्योंकि दो और श्रमिकों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि 12 अन्य का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। यह विस्फोट 14 अप्रैल को सिंघीतराई गांव में स्थित संयंत्र में हुआ था।

जिंदल ने यह भी सवाल उठाया कि जब सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में इस तरह की दुर्घटनाएं होती हैं, तो क्या वहां चेयरमैन को जिम्मेदार ठहराया जाता है।

उन्होंने कहा, ‘जब पीएसयू या रेलवे में दुर्घटनाएं होती हैं तो क्या हम चेयरमैन को नामजद करते हैं? नहीं करते। यही मानक निजी क्षेत्र पर भी लागू होना चाहिए।’

उन्होंने कहा कि भारत के ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के लिए अनिल अग्रवाल जैसे लोगों की जरूरत है, जो निवेश और निर्माण जारी रखें, और यह तभी संभव है जब निवेशकों का प्रणाली पर भरोसा बना रहे।

इस मामले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने पर सवाल उठाते हुए निवेशक विजय केडिया ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यदि फैक्टरी दुर्घटना में प्रर्वतक पर प्राथमिकी होती है, तो क्या ट्रेन हादसे में रेलवे मंत्री पर और विमान दुर्घटना में विमानन प्राधिकरणों पर एफआईआर होनी चाहिए? केडिया ने कहा कि जवाबदेही समान और निष्पक्ष होनी चाहिए।

भाषा योगेश पाण्डेय

पाण्डेय


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