महंगाई के आंकड़ों, फेडरल रिजर्व के ब्याज दर पर निर्णय से तय होगी स्थानीय शेयर बाजार की दिशा

महंगाई के आंकड़ों, फेडरल रिजर्व के ब्याज दर पर निर्णय से तय होगी स्थानीय शेयर बाजार की दिशा

महंगाई के आंकड़ों, फेडरल रिजर्व के ब्याज दर पर निर्णय से तय होगी स्थानीय शेयर बाजार की दिशा
Modified Date: June 14, 2026 / 12:58 pm IST
Published Date: June 14, 2026 12:58 pm IST

नयी दिल्ली, 14 जून (भाषा) स्थानीय शेयर बाजार की दिशा इस सप्ताह मुख्य रूप से महंगाई के आंकड़ों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर संबंधी घोषणा और कच्चे तेल की कीमतों के रुख से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है।

विश्लेषकों का कहना है कि रविवार को संभावित अमेरिका-ईरान समझौते की स्थिति, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और वैश्विक बाजारों के रुझान भी घरेलू शेयर बाजार की धारणा को प्रभावित करेंगे।

रिलायंस ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष-शोध प्रमुख अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘घरेलू मोर्चे पर निवेशकों की नजर मई माह के थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर रहेगी।’’

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक और उसका निर्णय सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम होगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर किए जाएंगे और इसके बाद रणनीतिक महत्व वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी के लिए तुरंत खोल दिया जाएगा।

हालांकि, ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि यदि समझौता अपेक्षित रूप से सफल नहीं हुआ तो नए हमलों की संभावना बनी रहेगी।

ऑनलाइन ट्रेडिंग और संपदा प्रौद्योगिकी कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर. ने कहा कि बाजार अमेरिका-ईरान समझौते से जुड़े हर घटनाक्रम पर बेहद संवेदनशील बना रहेगा।

इस बीच, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) जून के पहले पखवाड़े में भारतीय शेयरों से 62,853 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी कर चुके हैं।

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) के आंकड़ों के अनुसार, 2026 में अब तक एफपीआई भारतीय शेयर बाजार से कुल 2.87 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। यह पूरे 2025 में निकाले गए 1.66 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक है।

स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक प्रवेश गौड़ ने कहा कि घरेलू मोर्चे पर निवेशकों की निगाह मानसून की प्रगति और महंगाई की स्थिति पर रहेगी।

उन्होंने कहा कि 16-17 जून को होने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक पर भी निवेशकों की नजर है। बाजार भागीदार फेडरल रिजर्व की टिप्पणियों, महंगाई के दृष्टिकोण, आर्थिक वृद्धि के अनुमान और भविष्य में ब्याज दरों में कटौती के संकेतों पर करीबी नजर रखेंगे।

पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,284.61 अंक यानी 1.73 प्रतिशत चढ़ा, जबकि एनएसई निफ्टी 256.20 अंक यानी एक प्रतिशत मजबूत हुआ।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों से ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह एक अत्यंत सकारात्मक संकेत है।

भाषा अजय अजय

अजय


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