नवोन्मेष टिकाऊ, जन-केंद्रित बना रहना चाहिए: संचार मंत्री सिंधिया

नवोन्मेष टिकाऊ, जन-केंद्रित बना रहना चाहिए: संचार मंत्री सिंधिया

नवोन्मेष टिकाऊ, जन-केंद्रित बना रहना चाहिए: संचार मंत्री सिंधिया
Modified Date: August 21, 2026 / 10:07 pm IST
Published Date: August 21, 2026 10:07 pm IST

पुणे, 21 अगस्त (भाषा) केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) और क्लाउड कंप्यूटिंग समेत नई प्रौद्योगिकियां अर्थव्यवस्था और समाज को तेजी से बदल रही हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि नवाचार सुरक्षित, टिकाऊ, समावेशी और जन-केंद्रित बना रहे।

उन्होंने यहां ब्रिक्स संचार मंत्रियों की 12वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही।

भारत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक का विषय ‘मजबूत भविष्य के लिए नवाचार, सहयोग और बदलाव’ था। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के संचार मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडल के प्रमुखों ने हिस्सा लिया।

बैठक की शुरुआत में सिंधिया ने कहा, ‘‘भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। हम विनम्रता और अपने विषय ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता’ के प्रति साझा प्रतिबद्धता के साथ यह जिम्मेदारी निभा रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आज दुनिया बड़े प्रौद्योगिकीय बदलाव के दौर से गुजर रही है। कृत्रिम मेधा, अगली पीढ़ी के नेटवर्क, उपग्रह संचार, क्लाउड कंप्यूटिंग और उन्नत डिजिटल बुनियादी ढांचा अर्थव्यवस्था और समाज को बदल रहे हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि नवाचार सुरक्षित, समावेशी, टिकाऊ और जन-केंद्रित बना रहे।’’

सिंधिया ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) क्षेत्र में सहयोग चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। इनमें टिकाऊ और मजबूत डिजिटल एवं आईसीटी तंत्र, साइबर सुरक्षा और भरोसेमंद आईसीटी, डिजिटल कौशल तथा क्षमता निर्माण और नवाचार, स्टार्टअप एवं उद्यमिता शामिल हैं।

बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में सिंधिया ने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच भविष्य के आईसीटी सहयोग को दिशा देने के लिए व्यापक चर्चा की गई और प्राथमिकताएं तय की गई हैं।

उन्होंने कहा कि इन प्राथमिकताओं में सार्वभौमिक और सार्थक संपर्क व्यवस्था, मजबूत सार्वजनिक बुनियादी ढांचा, भरोसेमंद, सुरक्षित और जन-केंद्रित डिजिटल तंत्र, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा, कृत्रिम मेधा और भविष्य की नेटवर्क प्रौद्योगिकियां, नवाचार, स्टार्टअप एवं उद्यमिता तथा डिजिटल विस्तार और ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग बढ़ाना शामिल है।

भाषा योगेश रमण

रमण


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