एक्चुअरी अधिनियम, 2006 में संशोधन करने की तैयारी: अतिरिक्त सचिव

एक्चुअरी अधिनियम, 2006 में संशोधन करने की तैयारी: अतिरिक्त सचिव

एक्चुअरी अधिनियम, 2006 में संशोधन करने की तैयारी: अतिरिक्त सचिव
Modified Date: August 21, 2026 / 10:04 pm IST
Published Date: August 21, 2026 10:04 pm IST

मुंबई, 21 अगस्त (भाषा) वित्त मंत्रालय का वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) एक्चुअरी अधिनियम, 2006 में कुछ संशोधन करने के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ एक्चुअरीज ऑफ इंडिया (आईएआई) के साथ मिलकर काम कर रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

वित्तीय सेवा विभाग के अतिरिक्त सचिव देबाशीष प्रस्टी ने आईएआई के ‘एक्चुअरी दिवस 2026’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रस्तावित संशोधनों पर जल्द ही सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष चर्चा की जाएगी।

उन्होंने कहा कि संशोधनों के जरिये क्षेत्र में नवीनतम नवाचारों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

प्रस्टी ने कहा कि बीमा और वित्तीय क्षेत्रों में बदलाव के साथ एक्चुअरीज यानी बीमा और वित्तीय जोखिम का आकलन करने वाले विशेषज्ञों की भूमिका भी बढ़ रही है।

‘एक्चुअरी’ जीवन और सामान्य बीमा के मूल्य निर्धारण, देनदारी आकलन और जोखिम आकलन जैसे पारंपरिक क्षेत्रों के अलावा स्वास्थ्य बीमा विश्लेषण, पेंशन एवं सेवानिवृत्ति व्यवस्था, जलवायु और आपदा जोखिम के आकलन तथा कृत्रिम मेधा (एआई) और मशीन लर्निंग आधारित जोखिम आकलन जैसे क्षेत्रों में भी काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आईएआई की शिक्षा नीति 2026 में डेटा विज्ञान, एआई, बैंकिंग, जलवायु जोखिम और पर्यावरण, सामाजिक एवं संचालन (ईएसजी) जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है।

प्रस्टी ने कहा कि एक्चुअरी किफायती और टिकाऊ बीमा उत्पाद तैयार करके ‘सभी के लिए बीमा’ का लक्ष्य हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इनमें कम आय वाले लोगों, असंगठित और गिग क्षेत्र के कामगारों, ग्रामीण उद्यमों तथा महिलाओं के लिए सूक्ष्म बीमा उत्पाद शामिल हैं।

भाषा पाण्डेय प्रेम

प्रेम


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