परिचालन कर्ज एक करोड़ रुपये से कम, विक्रम सोलर के खिलाफ दिवाला मामला खारिज
परिचालन कर्ज एक करोड़ रुपये से कम, विक्रम सोलर के खिलाफ दिवाला मामला खारिज
नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी ने विक्रम सोलर के खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू करने का निर्देश देने वाले एनसीएलटी के आदेश को रद्द कर दिया है। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने इस मामले में परिचालन ऋण दिवाला और ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत निर्धारित एक करोड़ रुपये की न्यूनतम सीमा से कम होने के कारण यह फैसला किया है।
एनसीएलएटी की दो सदस्यीय पीठ ने विक्रम सोलर द्वारा जमा किए गए 91,98,556 रुपये की वापसी का भी निर्देश दिया, जो कि इसके लेनदार इसित्वा स्टील्स द्वारा दावा किया गया संपूर्ण परिचालन ऋण है।
इसके अलावा, न्यायमूर्ति योगेश खन्ना और तकनीकी सदस्य नरेश सालेचा की पीठ ने यह भी कहा, ‘‘अगर कोई समझौता हो, तो दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया जा सकता है।’’
एनसीएलएटी का निर्देश सोमवार को सुनवाई के दौरान आया, जिसमें दलील दी गई कि दिवाला याचिका स्वीकार नहीं की जानी चाहिए क्योंकि दावा वाले राशि आईबीसी संहिता की धारा चार के तहत निर्धारित सीमा एक करोड़ रुपये से कम है।
परिचालन ऋणदाता के वकील ने भी यह स्वीकार किया कि कुल ऋण एक करोड़ रुपये से कम है।
उनकी दलीलों को दर्ज करते हुए, अपीलीय न्यायाधिकरण ने कहा कि चूंकि देय राशि एक करोड़ रुपये से कम थी, इसलिए 12 जून, 2026 के आदेश को बरकरार नहीं रखा जा सकता।
एनसीएलएटी ने यह आदेश विक्रम सोलर के निदेशक समीर नागपाल द्वारा राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर दिया है।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

Facebook


