रहेजा की ‘शिलास’ परियोजना के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया जारी रहेगी: एनसीएलएटी

रहेजा की 'शिलास' परियोजना के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया जारी रहेगी: एनसीएलएटी

रहेजा की ‘शिलास’ परियोजना के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया जारी रहेगी: एनसीएलएटी
Modified Date: April 3, 2026 / 05:54 pm IST
Published Date: April 3, 2026 5:54 pm IST

नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने गुरुग्राम स्थित ‘रहेजा शिलास’ परियोजना के खिलाफ दिवाला समाधान प्रक्रिया को बंद करने की रहेजा डेवलपर्स की याचिका खारिज कर दी है। अपीलीय न्यायाधिकरण ने 20 मार्च को जारी अपने अंतिम आदेश में कहा कि इस परियोजना के फ्लैट खरीदारों के साथ जुड़े मुद्दे अभी हल नहीं हुए हैं।

एनसीएलएटी ने स्पष्ट किया कि दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) की धारा 12ए के तहत कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) को वापस लेने का आवेदन तभी दिया जा सकता है, जब बिल्डर और खरीदारों के बीच के सभी विवाद पूरी तरह सुलझ जाएं और उनके बीच कोई समझौता हो जाए। अपीलीय न्यायाधिकरण के चेयरमैन न्यायमूर्ति अशोक भूषण और तकनीकी सदस्य बरुण मित्रा की पीठ ने कहा कि दिवाला कार्यवाही शुरू करने वाले 43 फ्लैट खरीदारों ने इस प्रक्रिया को बंद करने का कड़ा विरोध किया है इसलिए मौजूदा स्थिति में दिवाला कार्यवाही बंद करने का आदेश जारी नहीं किया जा सकता है।

रहेजा डेवलपर्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) नवीन रहेजा के वकील ने दलील दी थी कि दिवाला समाधान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, खरीदारों को फ्लैट का कब्जा दिया जा चुका है और उन्हें ‘कब्जा प्रमाणपत्र’ भी मिल चुका है, इसलिए अब कोई विवाद बाकी नहीं है।

हालांकि, अपीलीय न्यायाधिकरण ने खरीदारों की दलीलों को अहमियत देते हुए कंपनी की दलील को मानने से इनकार कर दिया।

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की दिल्ली पीठ ने 19 नवंबर, 2024 को रहेजा डेवलपर्स के खिलाफ दिवाला समाधान प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया था। इस आदेश को कंपनी के प्रवर्तक ने एनसीएलएटी में चुनौती दी थी।

एनसीएलएटी ने अपने हालिया आदेश में एनसीएलटी के आदेश को संशोधित करते हुए स्पष्ट किया है कि यह दिवाला प्रक्रिया पूरी कंपनी पर लागू न होकर केवल गुरुग्राम के सेक्टर 109 स्थित ‘रहेजा शिलास’ परियोजना तक ही सीमित रहेगी।

पीठ ने समाधान पेशेवर को कानून के अनुरूप फ्लैट खरीदारों सहित अन्य सभी लेनदारों के दावों को अद्यतन करने और आगे की कार्यवाही जारी रखने का निर्देश दिया।

भाषा सुमित प्रेम

प्रेम


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