आईटी कंपनियों के भविष्य को लेकर निवेशकों का डर हास्यास्पद: पीयूष गोयल
आईटी कंपनियों के भविष्य को लेकर निवेशकों का डर हास्यास्पद: पीयूष गोयल
मुंबई, 18 फरवरी (भाषा) केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को आईटी कंपनियों के भविष्य को लेकर निवेशकों की चिंताओं को ‘हास्यास्पद’ करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) को फलने-फूलने में आईटी क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
गोयल का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के एंथ्रोपिक जैसे नए मंच पेश किए जाने के बाद पिछले पखवाड़े में आईटी शेयरों में गिरावट देखी गई है।
इससे लगभग 300 अरब डॉलर के इस क्षेत्र की प्रासंगिकता पर सवाल उठने लगे थे, जो करीब 50 लाख लोगों को सीधे तौर पर रोजगार प्रदान करता है।
मुंबई में वैश्विक आर्थिक सम्मेलन (जीईसी) कार्यक्रम में गोयल ने कहा, ‘शेयर बाजार में आईटी उद्योग के भविष्य को लेकर जो असंतोष दिख रहा है, वह हास्यास्पद है। एआई के विस्तार के लिए इन्हीं कंपनियों की जरूरत होगी।’
उन्होंने साइबर सुरक्षा और डेटा स्क्रबिंग का उदाहरण देते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में आईटी कंपनियों की भूमिका अहम होगी।
व्यापार समझौतों पर गोयल ने स्पष्ट किया कि अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ हुए समझौतों में डेयरी क्षेत्र, किसानों और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के हितों की पूरी रक्षा की गई है।
उन्होंने कहा, ‘हमने किसी भी देश के लिए डेयरी क्षेत्र नहीं खोला है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों ने डेयरी के बिना कभी कोई मुक्त व्यापार समझौता नहीं किया, लेकिन भारत के साथ उन्होंने इसे स्वीकार किया है।’
मंत्री ने विश्वास जताया कि अमेरिका और ईयू के साथ इन समझौतों से देश में उद्यम पूंजी का प्रवाह बढ़ेगा।
उन्होंने बताया कि समझौते का पूरा ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है ताकि अंतिम रूपरेखा को सुरक्षित रखा जा सके।
भाषा सुमित अजय
अजय

Facebook


