जन विश्वास विधेयक में ‘ड्राइविंग लाइसेंस’ की वैधता समाप्त होने के बाद 30 दिन की छूट अवधि का प्रस्ताव

जन विश्वास विधेयक में 'ड्राइविंग लाइसेंस' की वैधता समाप्त होने के बाद 30 दिन की छूट अवधि का प्रस्ताव

जन विश्वास विधेयक में ‘ड्राइविंग लाइसेंस’ की वैधता समाप्त होने के बाद 30 दिन की छूट अवधि का प्रस्ताव
Modified Date: March 27, 2026 / 05:35 pm IST
Published Date: March 27, 2026 5:35 pm IST

नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद 30 दिन की छूट अवधि दी जाएगी। इस दौरान लाइसेंस वैध बना रहेगा।

यह प्रस्ताव जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 का हिस्सा है, जिसे शुक्रवार को लोकसभा में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने पेश किया।

इस विधेयक के तहत 23 मंत्रालयों के अंतर्गत आने वाले 79 केंद्रीय कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव है। कुल 784 प्रावधानों में बदलाव किए जाने का प्रस्ताव है, जिनमें से 717 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से हटाकर व्यवसाय सुगमता बढ़ाने के लिए संशोधित किया जाएगा। वहीं 67 प्रावधानों में आम लोगों की जीवन को सुगम बनाने के लिए संशोधन प्रस्तावित हैं।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, मोटर वाहन अधिनियम के तहत 20 संशोधन प्रस्तावित हैं, जिनका उद्देश्य अधिनियम के कुछ नियमों में राहत देना और कानूनी अस्पष्टताओं को दूर करना है।

विधेयक के प्रस्ताव के अनुसार, अब वाहन का पंजीकरण पूरे राज्य में किया जा सकेगा, किसी विशेष क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। इसके अलावा, यदि ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद नवीनीकरण के लिए आवेदन किया जाता है, तो लाइसेंस नवीनीकरण की तारीख से प्रभावी होगा, न कि समाप्ति की तारीख से।

प्रवक्ता के अनुसार, विधेयक में यह भी प्रस्ताव किया गया है कि लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद 30 दिन की छूट अवधि दी जाएगी, इस दौरान लाइसेंस वैध बना रहेगा।

इसके अलावा, विधेयक में वाहन पंजीकरण रद्द करने की सूचना देने की समय सीमा को 14 दिन से बढ़ाकर 30 दिन करने का प्रस्ताव है। इसी तरह, बीमा प्रमाणपत्र के हस्तांतरण के संबंध में बीमा कंपनी को जानकारी देने की अवधि भी 14 दिन से बढ़ाकर 30 दिन करने का प्रावधान शामिल है।

भाषा योगेश रमण

रमण


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