जियो ‘प्राइम’ सदस्यता कार्यक्रम को 10 साल बाद फिर से लाने की तैयारी में

जियो 'प्राइम' सदस्यता कार्यक्रम को 10 साल बाद फिर से लाने की तैयारी में

जियो ‘प्राइम’ सदस्यता कार्यक्रम को 10 साल बाद फिर से लाने की तैयारी में
Modified Date: August 17, 2026 / 09:44 pm IST
Published Date: August 17, 2026 9:44 pm IST

नयी दिल्ली, 17 अगस्त (भाषा) दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल की तरफ से कम कीमत वाले अनलिमिटेड रिचार्ज प्लान बंद कर दिए जाने के बीच प्रतिद्वंद्वी कंपनी रिलायंस जियो 10 साल पुराने ‘प्राइम’ सदस्यता कार्यक्रम को फिर से लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी के सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों के मुताबिक, ‘जियो प्राइम’ सदस्यता वाले ग्राहकों को अगले एक साल तक शुल्क या प्लान में बदलाव नहीं होने की गारंटी देगी। यह सदस्यता मौजूदा प्रीपेड और पोस्टपेड ग्राहकों के लिए 300 रुपये के शुल्क पर उपलब्ध होगी।

इसके अलावा, जियो ने अपने 299 रुपये वाले प्लान के लाभ बढ़ाने की भी तैयारी की है। इस प्लान में प्रतिदिन 1.5 जीबी डेटा मिलता है। जियो यह कदम एयरटेल के 1.5 जीबी डेटा वाले 299 रुपये समेत कई प्लान बंद किए जाने के बाद उठाने जा रही है।

सूत्र ने कहा, ‘‘जियो प्राइम सदस्यता कार्यक्रम मूल रूप से जियो के पहले 10 करोड़ ग्राहकों के प्रति आभार जताने के लिए शुरू किया गया था। अब इसे कीमत की गारंटी और कई अतिरिक्त लाभ देने के लिए एक बार फिर शुरू किया जा रहा है।’’

वहीं, दूसरे नेटवर्क के ग्राहक जियो में अपना नंबर पोर्ट कराकर या नया जियो कनेक्शन लेकर प्राइम सदस्यता ले सकेंगे।

कंपनी 299 रुपये वाले प्लान में जियो हॉटस्टार की सदस्यता, गूगल क्लाउड पर 5,000 जीबी स्टोरेज और गूगल के एआई इंजन ‘प्रो गूगल जेमिनी’ की मुफ्त सुविधा जोड़ने की योजना बना रही है।

इस संबंध में जियो को भेजे गए सवालों का कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया है।

एयरटेल ने पिछले सप्ताह प्रतिदिन 1.5 जीबी डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग वाले 299, 319, 579, 619 और 649 रुपये के प्रीपेड प्लान बंद कर दिए थे। इससे अब एयरटेल ग्राहकों के पास अधिक कीमत वाले और ज्यादा दैनिक डेटा वाले प्लान चुनने का ही विकल्प बचा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि एयरटेल का यह कदम दूरसंचार उद्योग में शुल्क बढ़ने की संभावित दिशा को दर्शाता है। दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियां अपना प्रति ग्राहक औसत राजस्व (एआरपीयू) बढ़ाने पर जोर दे रही हैं।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय


लेखक के बारे में