बेंगलुरु, 22 अगस्त (भाषा) कर्नाटक मंत्रिमंडल ने ‘सरकारी पार्क (संरक्षण) अधिनियम, 1975’ में संशोधन के लिए एक विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिससे पार्क और बगीचों की भूमि के कुछ हिस्सों को सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और उपयोगिता परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति मिलेगी। इस कदम का भाजपा ने पर्यावरणीय आधार पर विरोध किया है।
सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों को मंजूरी दी गई, जो कब्बन पार्क और लालबाग सहित बेंगलुरु के प्रमुख हरित क्षेत्रों का नियमन करता है।
संशोधन के तहत, किसी भी पार्क या बगीचे के कुल क्षेत्रफल का पांच प्रतिशत तक हिस्सा बिक्री, पट्टे, उपहार, विनिमय या बंधक के माध्यम से निर्दिष्ट सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए हस्तांतरित किया जा सकता है।
प्रस्तावित कानून के अनुसार केवल सरकारी विभागों, वैधानिक प्राधिकरणों, राज्य के स्वामित्व वाली कंपनियों और स्थानीय प्राधिकरणों को ही सार्वजनिक बुनियादी ढांचे या उपयोगिता परियोजनाओं के लिए इन हस्तांतरित हिस्सों का उपयोग करने की अनुमति होगी।
यह संशोधन हेब्बल और सेंट्रल सिल्क बोर्ड को जोड़ने वाली प्रस्तावित 17 किलोमीटर लंबी टनल रोड परियोजना के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना के लिए लालबाग की लगभग छह एकड़ भूमि की अस्थायी रूप से और एक एकड़ भूमि की स्थायी रूप से आवश्यकता है।
बेंगलुरु दक्षिण से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने मंत्रिमंडल के फैसले की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि इससे राज्य के पार्कों में रियल एस्टेट विकास को बढ़ावा मिलेगा।
भाषा पाण्डेय
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