किरण मजूमदार-शॉ ने भतीजी क्लेयर को उत्तराधिकारी चुना, अभी पद छोड़ने की योजना नहीं

किरण मजूमदार-शॉ ने भतीजी क्लेयर को उत्तराधिकारी चुना, अभी पद छोड़ने की योजना नहीं

किरण मजूमदार-शॉ ने भतीजी क्लेयर को उत्तराधिकारी चुना, अभी पद छोड़ने की योजना नहीं
Modified Date: May 6, 2026 / 11:27 am IST
Published Date: May 6, 2026 11:27 am IST

नयी दिल्ली, छह मई (भाषा) बायोकॉन की संस्थापक एवं कार्यकारी चेयरपर्सन किरण मजूमदार-शॉ ने अपनी भतीजी क्लेयर मजूमदार को उत्तराधिकारी के रूप में चुना और भारत की प्रमुख जैव प्रौद्योगिकी कंपनी के लिए उत्तराधिकार योजना तय की है।

मजूमदार-शॉ (73) की कोई संतान नहीं है।

शॉ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बायोकॉन में उत्तराधिकार योजना से जुड़ी खबरों की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी भतीजी क्लेयर को उत्तराधिकारी चुना है।

उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया कि यह बदलाव जल्द नहीं होने जा रहा है।

शॉ ने लिखा, ‘‘ अभी कुछ समय तक पद छोड़ने की योजना नहीं है। क्लेयर समय के साथ धीरे-धीरे मेरी भूमिका संभालेंगी।’’

क्लेयर मजूमदार (37) बायोकॉन की संस्थापक किरण के भाई रवि मजूमदार की बेटी हैं। क्लेयर मजूमदार ने 2018 में बोस्टन स्थित बिकारा थेरेप्यूटिक्स की स्थापना की थी जो कैंसर के उपचार पर काम करने वाली एक ‘क्लीनिकल-स्टेज’ कंपनी है। उन्होंने इसे 2024 में नैस्डैक में सूचीबद्ध कराया।

रवि मजूमदार बायोकॉन में गैर-कार्यकारी निदेशक हैं। क्लेयर रिलाय थेरेप्यूटिक्स और नूरा हेल्थ के बोर्ड में भी शामिल हैं।

एमआईटी से जैविक इंजीनियरिंग में स्नातक क्लेयर के पास स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से एमबीए और कैंसर जीवविज्ञान में पीएचडी की डिग्री भी है। उनके माता-पिता अमेरिका में कंप्यूटर विज्ञान के प्रोफेसर भी हैं। उनके भाई एरिक कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में प्रोफेसर एवं कृत्रिम मेधा (एआई) विशेषज्ञ हैं।

भारतीय जैव-प्रौद्योगिकी उद्योग का चेहरा मानी जाने वाली मजूमदार-शॉ ने 1978 में बेंगलुरु में एक गैरेज से 10,000 रुपये में बायोकॉन की स्थापना की थी और चार दशकों में इसे भारत की सबसे बड़ी जैव-प्रौद्योगिकी कंपनी बना दिया।

उन्होंने 1998 में स्कॉटलैंड के जॉन शॉ से विवाह किया था।

जॉन शॉ का 2022 में कैंसर के कारण निधन हो गया। जॉन बायोकॉन के उपाध्यक्ष एवं गैर-कार्यकारी निदेशक होने के साथ ही कंपनी के विदेशी प्रवर्तक भी थे।

क्लेयर को उत्तराधिकारी नामित करते हुए मजूमदार-शॉ ने कहा कि बायोकॉन की एकमात्र प्रवर्तक होने के नाते उन्हें यह सुनिश्चित करना था कि कंपनी सही हाथों में जाए।

उन्होंने कहा कि क्लेयर ने यह साबित किया है कि वह एक कंपनी चला सकती हैं इसलिए उन्हें उत्तराधिकारी के रूप में चुना गया है।

चार दशकों में एक महिला द्वारा खड़ी की गई बायोकॉन की बागडोर अब एक महिला से दूसरी महिला को सौंपे जाने की तैयारी है।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


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