Jabalpur Bargi Cruise Accident Update : बरगी क्रूज़ हादसे में बड़ा बवाल! जांच शुरू होने से पहले ही क्यों तोड़ा गया क्रूज़? कांग्रेस ने लगाए कई गंभीर आरोप

बरगी क्रूज़ हादसे के बाद जांच शुरू होने से पहले ही क्रूज़ को तोड़ दिए जाने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने इसे सबूत मिटाने की साजिश बताया है, जबकि प्रशासन ने इसे रेस्क्यू ऑपरेशन का हिस्सा बताया है।

Jabalpur Bargi Cruise Accident Update : बरगी क्रूज़ हादसे में बड़ा बवाल! जांच शुरू होने से पहले ही क्यों तोड़ा गया क्रूज़? कांग्रेस ने लगाए कई गंभीर आरोप

Jabalpur Bargi Cruise Accident Update / Image Source : IBC24

Modified Date: May 6, 2026 / 11:39 am IST
Published Date: May 6, 2026 11:32 am IST
HIGHLIGHTS
  • 13 मौतों वाले बरगी क्रूज़ हादसे में जांच से पहले क्रूज़ को तोड़ा गया।
  • कांग्रेस ने प्रशासन पर सबूत मिटाने का गंभीर आरोप लगाया।
  • प्रशासन का दावा—क्रूज़ को शवों की तलाश के लिए हटाया गया।

जबलपुर : Jabalpur Bargi Cruise Accident Update : पूरे देश को झकझोरकर रख देने वाले जबलपुर के बरगी क्रूज़ हादसे में 13 लोगों की मौत के बाद राज्य सरकार उच्च स्तरीय जांच करवा रही है, लेकिन इससे पहले ही उस क्रूज़ को तोड़कर चकनाचूर कर दिया गया है। ज़ाहिर है हादसे का शिकार हुआ क्रूज़ सबसे बड़ा सबूत था, जिसकी तकनीकी जांच भी ज़रूरी थी, लेकिन उसे जांच से पहले ही ध्वस्त कर दिए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस ने प्रशासन पर क्रूज़ हादसे के अहम सबूत मिटाने का आरोप लगाया है, जिस पर सियासत भी गर्मा गई है।

25 घंटे के अंदर क्रूज़ को तोड़ा गया

आईबीसी-24 के कैमरे में कैद हुई ये तस्वीरें बरगी क्रूज़ हादसे के ठीक 25 घंटे बाद की हैं।(  Bargi Dam Tragedy )30 अप्रैल की शाम हुए हादसे के बाद क्रूज़ को बमुश्किल बांध से निकालकर जमीन पर लाया गया। जमीन पर आए क्रूज़ के भीतर लापता लोगों की तलाश हो सकती थी, लेकिन प्रशासन ने भारी भरकम मशीनें बुलवाकर क्रूज़ को तुड़वाना शुरू कर दिया, जो देखते ही देखते चकनाचूर हो गया। क्रूज़ को तोड़ दिया जाना इसलिए गंभीर है क्योंकि खुद विभागीय मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने आईबीसी-24 को यह बयान दिया था कि क्रूज़ हादसे में मौत की वजह लाइफ जैकेट नहीं, बल्कि क्रूज़ के लोअर डेक में पानी भर जाना था।

कांग्रेस ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

, Bargi Dam Tragedy अब कांग्रेस ने प्रशासन पर यह गंभीर आरोप लगाया है कि उसने उच्च स्तरीय जांच से पहले ही जानबूझकर यह सबसे बड़ा साक्ष्य मिटा दिया। आरोप लगाया कि क्रूज़ अनफिट था, उसके 2 में से 1 ही इंजन काम करने का अंदेशा था, लेकिन क्रूज़ को चकनाचूर कर अहम सबूत मिटा दिए गए। कांग्रेस के एक डेलिगेशन ने जबलपुर कलेक्टर से मिलकर इस हादसे की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

शवों की तलाश के लिए तोड़ा गया क्रूज़

इधर, कांग्रेस के इन आरोपों पर सियासत भी गर्मा गई। जबलपुर के सांसद आशीष दुबे ने कहा कि रेस्क्यू किन कठिन हालातों में हुआ, यह सबने देखा और कांग्रेस को इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। उनके मुताबिक क्रूज़ को शवों की तलाश के लिए तोड़ा गया। सांसद की तरह जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने भी कहा कि राज्य सरकार के निर्देश पर मामले की उच्च स्तरीय जांच हो रही है, जिसमें इन तमाम बिंदुओं को भी शामिल किया जाएगा।

2008 में खरीदा गया था क्रूज़

बरगी में हादसे का शिकार हुआ क्रूज़ 20 साल पुराना था। साल 2006 में इसे करीब 80 लाख रुपये में खरीदा गया था। जानकारी है कि इस क्रूज़ को साल 2024 में 38 लाख रुपये खर्च कर री-फिट करवाया गया था, जो अपने आप में जांच का विषय है। यह भी जानकारी है कि हैदराबाद की एक बोट बिल्डर कंपनी से यह क्रूज़ री-फिट करवाया गया था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर क्रूज़ फिट था तो 38 लाख रुपये क्यों खर्च किए गए और अगर अनफिट था तो उसे संचालन से बाहर क्यों नहीं किया गया। सवाल तो क्रूज़ के इंजन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की मरम्मत स्थानीय स्तर पर करवाए जाने पर भी उठ रहे हैं।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and news producer at IBC24. A Gold Medalist in Journalism and Mass Communication, I specialize in news production, content writing, and digital storytelling. With a keen interest in political and crime reporting, I believe in delivering accurate, ethical, and impactful journalism that informs and connects with people.