कोटक को इस साल आईपीओ बाजार 32 प्रतिशत बढ़कर 2.50 लाख करोड़ रुपये होने की उम्मीद
कोटक को इस साल आईपीओ बाजार 32 प्रतिशत बढ़कर 2.50 लाख करोड़ रुपये होने की उम्मीद
मुंबई, सात जनवरी (भाषा) कोटक इन्वेस्टमेंट बैंकिंग (केआईबी) ने बुधवार को अनुमान जताया कि इस साल आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के बाजार में 32 प्रतिशत की तेज वृद्धि हो सकती है और कुल निर्गम आकार बढ़कर 2.50 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
केआईबी ने कहा कि यह वृद्धि मुख्य रूप से एक अरब डॉलर (करीब 8,000 करोड़ रुपये) से अधिक मूल्य के बड़े आईपीओ की संख्या बढ़ने की वजह से होने की उम्मीद है।
केआईबी ने कहा कि वर्ष 2025 आईपीओ के लिहाज से अच्छा रहा, जिसमें भारतीय बाजार में आईपीओ निर्गम 13 प्रतिशत बढ़कर 1.89 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
हालांकि, पिछले साल कुल इक्विटी पूंजी बाजार (ईसीएम) गतिविधियां 18 प्रतिशत घटकर 5.1 लाख करोड़ रुपये रह गईं। इन गतिविधियों में अनुवर्ती निर्गम, थोक सौदे और पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) शामिल हैं।
केआईबी के प्रबंध निदेशक वी. जयशंकर ने संवाददाताओं से कहा कि नए वर्ष में आने वाले करीब एक-तिहाई आईपीओ एक अरब डॉलर से अधिक आकार वाले निर्गम होंगे। उन्होंने कहा कि नई प्रौद्योगिकियों पर आधारित कंपनियां और उपभोक्ता क्षेत्र से जुड़ी कंपनियां आईपीओ बाजार में अपना दबदबा बनाए रखेंगी।
उन्होंने कहा कि क्यूआईपी के जरिये जुटाई जाने वाली राशि 2026 में बढ़कर 10–12 अरब डॉलर रह सकती है, जबकि 2025 में यह लगभग 10 अरब डॉलर रही थी।
उन्होंने कहा कि भारत में मूल्यांकन में हाल में गिरावट आई है और मूल्यांकन गुणक अब 10 साल के औसत के करीब हैं, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने की संभावना है।
केआईबी ने 2025 के दौरान आईपीओ की प्रकृति को लेकर चिंता भी जताई। बीते साल करीब दो-तिहाई निर्गम बिक्री पेशकश (ओएफएस) के रूप में थे, जिनमें मौजूदा निवेशकों ने हिस्सेदारी बेची और नई पूंजी का निवेश अपेक्षाकृत सीमित रहा।
केआईबी ने कहा कि घरेलू संस्थागत निवेशक आगे भी बाजार में अहम भूमिका निभाते रहेंगे।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
रमण

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