एलपीजी की बुकिंग अब सामान्य स्तर के करीब, पर स्थिति अब भी चिंताजनक: सरकार

एलपीजी की बुकिंग अब सामान्य स्तर के करीब, पर स्थिति अब भी चिंताजनक: सरकार

एलपीजी की बुकिंग अब सामान्य स्तर के करीब, पर स्थिति अब भी चिंताजनक: सरकार
Modified Date: March 19, 2026 / 06:06 pm IST
Published Date: March 19, 2026 6:06 pm IST

नयी दिल्ली, 19 मार्च (भाषा) देश में घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) के भरे हुए सिलेंडर की बुकिंग युद्ध-पूर्व के सामान्य स्तर के करीब पहुंच रही है, जो स्थिति में धीरे-धीरे सुधार का संकेत है। हालांकि, पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कच्चे माल की आपूर्ति में जारी व्यवधानों के चलते होटल सहित व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर आपूर्ति प्रतिबंध अब भी लागू हैं।

ईरान पर 28 फरवरी को हुए सैन्य हमलों से पहले देश के 33 करोड़ से अधिक घरेलू एलपीजी उपभोक्ता औसतन प्रतिदिन लगभग 55 लाख सिलेंडर बुक कर रहे थे। तनाव बढ़ने के बाद ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ के बंद होने से भारत की लगभग 60 प्रतिशत गैस आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे व्यावसायिक आपूर्ति में कटौती करनी पड़ी और घरेलू उपभोक्ताओं में घबराहट के कारण भारी बुकिंग शुरू हो गई।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि 13 मार्च को घबराहट में की गई बुकिंग का आंकड़ा 87.7 लाख के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था, जो 18 मार्च को घटकर 56-57 लाख पर आ गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘घबराहट में की जाने वाली बुकिंग कम हो रही है और सरकार परिवारों को आपूर्ति में प्राथमिकता दे रही है।’’

शर्मा ने स्पष्ट किया कि गैस आपूर्ति की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है, लेकिन किसी भी वितरक के पास भंडार पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। हालांकि, व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं को उनकी आवश्यकता का केवल पांचवां हिस्सा (20 प्रतिशत) ही मिल पा रहा है।

उन्होंने बताया कि पिछले दो सप्ताह में घरेलू गैस उत्पादन में 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियां बुकिंग के साथ तालमेल बिठाने के लिए अतिरिक्त पालियों में काम कर रही हैं।

सचिव ने बताया कि 18 मार्च को 56 लाख से अधिक की बुकिंग के मुकाबले 54.91 लाख सिलेंडरों की आपूर्ति की गई।

उन्होंने बताया कि आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इंटरनेट के माध्यम से बुकिंग बढ़कर 94 प्रतिशत हो गई है, जबकि ओटीपी प्रणाली का दायरा 83 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

शर्मा ने बताया कि सरकार उपभोक्ताओं को पाइप के जरिये आपूर्ति की जाने वाली रसोई गैस (पीएनजी) अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है और पिछले दो सप्ताह में 1.25 लाख नए कनेक्शन जारी किए गए हैं।

कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए राज्यों में छापेमारी और प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई जारी है।

केंद्र सरकार ने 18 मार्च को सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखकर उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने और मिट्टी के तेल (केरोसिन) जैसे वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने का निर्देश दिया है।

भाषा सुमित अजय

अजय


लेखक के बारे में