नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने एलपीजी आपूर्ति में बाधा के बीच उद्योग को आश्वस्त करते हुए मंगलवार को कहा कि फिलहाल इसकी कमी ‘‘ अभी इतनी बड़ी चिंता नहीं है ’’ हालांकि पश्चिम एशिया संकट को लेकर सरकार सतर्क है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण आपूर्ति शृंखला प्रभावित होने से सरकार ने घरेलू रसोई गैस को प्राथमिकता देते हुए वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति को औसत मासिक खपत के केवल 20 प्रतिशत तक सीमित कर दिया है।
उद्योग मंडल एसोचैम द्वारा ‘न्यूट्रास्यूटिकल्स’ पर यहां आयोजित कार्यक्रम से इतर पत्रकारों के साथ बातचीत में पासवान ने कहा,‘‘ अभी यह इतनी बड़ी चिंता नहीं है। हां, एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं लेकिन स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।’’
उद्योग जगत को भरोसा दिलाते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ मैं भरोसा दिलाता हूं कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। युद्ध की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी है। यदि यह जारी रहता है तो आगे और कदम उठाने पड़ सकते हैं।’’
एलपीजी भारत के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण ईंधन है, जिसका उपयोग स्नैक्स, नमकीन, बिस्कुट, दुग्ध उत्पाद और ‘पैकेज्ड’ खाद्य बनाने वाले संयंत्रों में तलने, बेकिंग, सुखाने आदि जैसी प्रक्रियाओं में किया जाता है।
इसकी आपूर्ति में बाधा से उत्पादन निरंतरता को लेकर चिंता जताई जा रही है।
मंत्री ने कहा कि सरकार पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति को देखते हुए एलपीजी आपूर्ति बनाए रखने के लिए हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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