CG Dharm Swatantraya Bill 2026: ‘सभी सहमति के आधार पर धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर फैसला’.. जानें क्यों इस बिल पर सरकार के खिलाफ है कांग्रेस.. पढ़ें

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Chhattisgarh Dharma Parivartan Kanoon: छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सदन में जारी टकराव, डिप्टी सीएम ने दी प्रतिक्रिया

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  • Publish Date - March 17, 2026 / 02:30 PM IST,
    Updated On - March 17, 2026 / 02:36 PM IST

CG Dharm Swatantraya Bill 2026 || Image- IBC24 News File

HIGHLIGHTS
  • धर्म स्वातंत्र्य बिल पर भाजपा-कांग्रेस में टकराव
  • विजय शर्मा ने सहमति से निर्णय की बात कही
  • जी राम जी में अधोसंरचना और रोजगार पर जोर

रायपुर: विधानसभा सत्र के दौरान धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर सदन में सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस के बीच टकराव लगातार जारी। (CG Dharm Parivartan Kanoon) डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने इस मामले में सदन में इस बारें में चर्चा की है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी है।

‘सहमति के आधार पर ही लिया जायेगा फैसला’ : विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री

डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2006 में पारित किया गया था, लेकिन छत्तीसगढ़ में इसे लागू नहीं किया गया। वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप सदन में सभी की सहमति लेकर ही इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुराने प्रावधान को पहले वापस लिया जाएगा और उसके बाद नए प्रस्ताव को सदन में रखा जाएगा।

पूर्व सीएम की धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर असहमति

दूसरी ओर, पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक वापस लेने की मांग पर कहा कि यह बिल 2006 में रमन सिंह के मुख्यमंत्री रहते लाया गया था। यह विषय भारत सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है और राज्यपाल के पास इसकी स्वीकृति देने का अधिकार नहीं है। (CG Dharm Parivartan Kanoon) उन्होंने बताया कि 2006 से लेकर अब तक यह विधेयक राष्ट्रपति के पास पड़ा हुआ है और केंद्र सरकार ने इसकी स्वीकृति नहीं दी है।

भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि अन्य बिल भी राज्यपाल के पास पड़े हैं, जैसे आरक्षण बिल, लेकिन सरकार इस मामले में चुप है और आरक्षण देने से कतरा रही है।

‘जी राम जी’ कानून को लेकर भी टकराव

विपक्ष के जी राम जी स्थगन पर प्रतिक्रिया देते हुए विजय शर्मा ने कहा कि आसंदी ने बहुत स्पष्ट कर दिया है कि क्या यह स्थगन उचित है। उन्होंने यह भी कहा कि काम देने में कोई संशय नहीं है और लगातार काम दिया जा रहा है। जी राम जी में तीन मुख्य बातों-अधोसंरचना, रोजगार और आजीविका विकास-पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के X पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कांग्रेस पर कड़ी टिप्पणी की। (CG Dharm Parivartan Kanoon) उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर बार अपने कार्यकर्ताओं और जनता से झूठ बोलती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बहुत समय तक प्रधानमंत्री आवास योजना पर झूठ बोलती रही और अब भी पीएम आवास छोड़कर दूसरी बातों में झूठ परोस रही है।

कांग्रेस के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस गांधी के नाम पर काम करती है, जबकि भाजपा वह पार्टी है जो महात्मा गांधी के विचारों को समझकर और आराध्य राम जी को मानकर काम कर रही है। मनरेगा के समय अधोसंरचना का निर्माण नहीं हो पाता था, लेकिन अब जी राम जी में अधोसंरचना के विकास पर काम किया जाएगा। विजय शर्मा ने कहा, “हमारा संकल्प अटल है।”

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Q1. धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर छत्तीसगढ़ में क्या विवाद है?

भाजपा और कांग्रेस सदन में विधेयक वापस लेने और नए प्रस्ताव पर असहमति में हैं।

Q2. डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने इस मामले में क्या कहा?

उन्होंने कहा कि निर्णय सभी की सहमति से लिया जाएगा और पुराने प्रावधान को पहले हटाया जाएगा।

Q3. जी राम जी कानून के तहत किन मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा?

अधोसंरचना, रोजगार और आजीविका विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा।