फडणवीस की अगुवाई में दावोस बैठक में शामिल होगा महाराष्ट्र का प्रतिनिधिमंडल

फडणवीस की अगुवाई में दावोस बैठक में शामिल होगा महाराष्ट्र का प्रतिनिधिमंडल

फडणवीस की अगुवाई में दावोस बैठक में शामिल होगा महाराष्ट्र का प्रतिनिधिमंडल
Modified Date: January 14, 2026 / 05:17 pm IST
Published Date: January 14, 2026 5:17 pm IST

मुंबई, 14 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 17 से 24 जनवरी के दौरान स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित होने वाली विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में भाग लेने वाले राज्यस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।

डब्ल्यूईएफ की दावोस बैठक को विश्वास-आधारित संवाद, नीतिगत विमर्श और सार्वजनिक चर्चा का एक वैश्विक मंच माना जाता है, जिसका उद्देश्य निवेश को प्रोत्साहित करना और आर्थिक सहयोग को मजबूत करना है।

बुधवार को जारी एक सरकारी प्रस्ताव (जीआर) के मुताबिक, फडणवीस इस बैठक में शामिल होने के लिए दावोस जाएंगे और राज्य प्रतिनिधिमंडल की यात्रा एवं ठहरने से संबंधित व्यय महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) वहन करेगा।

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भारत सरकार का उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) देश में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बैठक में भाग ले रहा है, जबकि भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) को ‘इंडिया पवेलियन’ से जुड़ी गतिविधियों के समन्वय के लिए नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। सीआईआई के आमंत्रण पर महाराष्ट्र सरकार ने इंडिया पवेलियन में भागीदारी की पुष्टि की और स्लॉट बुक किया है।

महाराष्ट्र सरकार के प्रतिनिधिमंडल में उद्योग मंत्री उदय सामंत, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अश्विनी भिडे और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।

सरकारी प्रस्ताव के मुताबिक, विदेश मंत्रालय ने महाराष्ट्र प्रतिनिधिमंडल की स्विट्जरलैंड यात्रा को मंजूरी दे दी है। यात्रा और उससे हासिल नतीजों पर आधारित एक विस्तृत रिपोर्ट प्रतिनिधिमंडल की वापसी के एक महीने के भीतर पेश करनी होगी।

फडणवीस ने डब्ल्यूईएफ की पिछली वार्षिक बैठक में भी शिरकत की थी और महाराष्ट्र के लिए 15.7 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आने की घोषणा की थी।

सबसे बड़ा एकल निवेश प्रस्ताव रिलायंस समूह का था, जिसने पेट्रोकेमिकल, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, डेटा सेंटर, बुनियादी ढांचा और रियल एस्टेट सहित विभिन्न क्षेत्रों में 3.05 लाख करोड़ रुपये निवेश का वादा किया था।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण


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