मुंबई, सात अप्रैल (भाषा) भारत के घरेलू विमानन बाजार में संयुक्त रूप से 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखने वाली तीन एयरलाइंस इस समय शीर्ष स्तर पर बदलाव के दौर से गुजर रही हैं।
एयर इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कैंपबेल विल्सन मंगलवार को अपने इस्तीफे की घोषणा के साथ ही प्रमुख एयरलाइंस के संक्रमणकालीन नेतृत्व का हिस्सा बन गए।
विल्सन 2022 के मध्य से एयर इंडिया का नेतृत्व कर रहे थे और वह अपने उत्तराधिकारी के चयन तक पद पर बने रहेंगे।
इससे पहले एयर इंडिया एक्सप्रेस के प्रबंध निदेशक आलोक सिंह ने 19 मार्च को अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद पद छोड़ दिया था। अब वह इंडिगो एयरलाइन में मुख्य रणनीति अधिकारी के रूप में जुड़ गए हैं।
इसी कड़ी में इंडिगो ने 10 मार्च को अपने सीईओ पीटर एल्बर्स के अचानक इस्तीफे की घोषणा की थी। इंडिगो ने ब्रिटिश एयरवेज के पूर्व प्रमुख विलियम वॉल्श को नया सीईओ नियुक्त किया है, हालांकि इसके लिए नियामकीय मंजूरी बाकी है।
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अभी तक नए प्रमुख की घोषणा नहीं की है, जबकि एयर इंडिया के निदेशक मंडल ने विल्सन के उत्तराधिकारी की तलाश के लिए एक समिति गठित कर दी है।
तेजी से बढ़ते घरेलू विमानन बाजार में इन बदलावों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विमानन उद्योग के दो प्रमुख समूहों- एयर इंडिया समूह और इंडिगो के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच यह नेतृत्व परिवर्तन उपभोक्ता विकल्पों और भविष्य की वृद्धि दिशा को प्रभावित कर सकता है।
इन तीनों एयरलाइन कंपनियों की घरेलू विमानन बाजार में संयुक्त रूप से करीब 90 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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