शिमला, सात अप्रैल (भाषा) हिमाचल प्रदेश के कृषि विभाग ने वर्ष 2026 में एक लाख किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को यह जानकारी दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है और किसानों को इस तरीके को अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है, क्योंकि इससे वे कम लागत पर अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अब तक, 2,22,893 किसानों और बागवानी परिवारों ने प्राकृतिक खेती के तरीकों को अपनाया है। यह तरीका राज्य की 99.3 प्रतिशत पंचायतों तक पहुंच चुका है और वर्तमान में 38,437 हेक्टेयर ज़मीन पर इसका अभ्यास किया जा रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, प्राकृतिक खेती में लगे दो लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है, जिनमें से 1,98,000 किसानों को पहले ही प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं।’’
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ‘प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना’ के तहत, रासायनिक चीज़ों के इस्तेमाल को हतोत्साहित किया जाता है, जबकि देसी गाय के गोबर, गोमूत्र और स्थानीय पौधों के संसाधनों पर आधारित चीज़ों को बढ़ावा दिया जाता है।
उन्होंने कहा, ‘‘‘इस योजना के मुख्य उद्देश्यों में पर्यावरण संरक्षण, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और खेती की लागत को कम करना शामिल है।’’
मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि राज्य सरकार किसानों को उचित लाभ सुनिश्चित करने के लिए, प्राकृतिक रूप से उगाई गई उपज के लिए देश में सबसे अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) दे रही है।
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