बेहतर बुनियादी ढांचे वाली मंडियां पूरी कृषि विपणन व्यवस्था को अधिक बेहतर बनाएंगी: रेखा गुप्ता

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बेहतर बुनियादी ढांचे वाली मंडियां पूरी कृषि विपणन व्यवस्था को अधिक बेहतर बनाएंगी: रेखा गुप्ता

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  • Publish Date - August 3, 2026 / 08:30 PM IST,
    Updated On - August 3, 2026 / 08:30 PM IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचे वाली मंडियां पूरी कृषि विपणन व्यवस्था को बेहतर बनाएंगी

मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी राजधानी की कृषि मंडियों के पुनर्विकास और विभिन्न मंडियों में चल रही और प्रस्तावित विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा के दौरान की।

आधिकारिक बयान के मुताबिक, बैठक में गाजीपुर, नरेला, इंटिग्रेटेड फ्रेट कॉम्प्लेक्स (आईएफसी) गाजीपुर आदि से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया तथा मंडियों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए चल रहे कार्यों की जानकारी ली गई।

गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की कृषि मंडियां किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए इन मंडियों को समय की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त, सुव्यवस्थित और बेहतर बुनियादी ढांचे वाली मंडियां न केवल व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाएंगी, बल्कि पूरी कृषि विपणन व्यवस्था को भी अधिक बेहतर बनाएंगी।

बयान के अनुसार, बैठक में गाजीपुर में लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही आधुनिक मुर्गा मंडी की प्रगति की समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने बताया कि परियोजना की कुल लागत 193 करोड़ रुपये से अधिक है और इसका निर्माण कार्य मार्च 2019 में शुरू हुआ था और इसे इस साल 31 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है

उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 85 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है तथा इस आधुनिक मुर्गा मंडी में 100 थोक व्यापारियों की दुकानें और 120 प्रसंस्करण इकाइयां विकसित की जा रही हैं।

बयान के मुताबिक, गाजीपुर फल, सब्जी और फूल मंडी में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मंडी में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए 200 मीटर लंबी बाइपास ड्रेनेज पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है और इस कार्य की स्वीकृत लागत 17 लाख रुपये है।

इसमें कहा गया है कि बैठक में नरेला अनाज मंडी में व्यापारियों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए दो अतिरिक्त स्टील शेड विकसित करने के प्रस्ताव की भी समीक्षा की गई।

बयान अनुसार, इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 11 करोड़ रुपये है और इसके जुलाई, 2027 तक पूरा होने की संभावना है।

भाषा नोमान नोमान अजय

अजय