प्रधानमंत्री की पोस्ट हटाने के विवाद पर मेटा की वैश्विक टीम आईटी मंत्रालय के अधिकारियों से मिली

प्रधानमंत्री की पोस्ट हटाने के विवाद पर मेटा की वैश्विक टीम आईटी मंत्रालय के अधिकारियों से मिली

प्रधानमंत्री की पोस्ट हटाने के विवाद पर मेटा की वैश्विक टीम आईटी मंत्रालय के अधिकारियों से मिली
Modified Date: August 5, 2026 / 02:30 pm IST
Published Date: August 5, 2026 2:30 pm IST

नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) मेटा की वैश्विक टीम ने बुधवार को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। फेसबुक से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पोस्ट हटाए जाने के मामले में केंद्र सरकार ने कंपनी के अधिकारियों को तलब किया था।

बैठक में महत्वपूर्ण पोस्ट पर की गई गलत कार्रवाई, सोशल मीडिया मंच पर बाल यौन शोषण एवं उत्पीड़न सामग्री (सीएसएएम) पर प्रभावी रोक में चूक और अन्य नियामकीय मुद्दों पर चर्चा हुई।

मेटा के वैश्विक मामलों के अधिकारी जोएल कैपलन समेत कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने आईटी सचिव एस. कृष्णन और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ करीब 45 मिनट तक बैठक की।

मेटा की टीम की बाद में केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाकात होनी है।

यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी की हालिया फेसबुक पोस्ट को मंच पर कुछ समय के लिए हटाने के बाद सरकार ने मेटा के शीर्ष वैश्विक अधिकारियों को तलब किया था।

प्रधानमंत्री की इस पोस्ट में युवाओं को संबोधित करते हुए प्रश्नपत्र लीक के मामलों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था।

अमेरिकी कंपनी ने इस घटना के लिए तकनीकी गड़बड़ी को जिम्मेदार ठहराते हुए माफी मांगी थी और कहा था कि पोस्ट गलती से हट गई थी, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया। हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कंपनी के इस स्पष्टीकरण को अपर्याप्त बताया था।

इंस्टाग्राम पर सशुल्क विज्ञापनों में बाल यौन शोषण एवं उत्पीड़न सामग्री (सीएसएएम) के मुद्दे को लेकर भी मेटा नियामकीय जांच के दायरे में है। इस मामले में सरकार ने पिछले महीने कंपनी को नोटिस जारी किया था।

आईटी सचिव एस. कृष्णन ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा था कि बैठक में सीएसएएम से जुड़े मुद्दे, कृत्रिम सामग्री से निपटने के उपाय और सत्यापित खातों वाले प्रमुख व्यक्तियों की सामग्री हटाने से पहले अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों पर चर्चा होगी।

उन्होंने कहा था कि दुनिया की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल मेटा के पास ऐसे मुद्दों से प्रभावी ढंग से निपटने की तकनीकी क्षमता होनी चाहिए। सरकार यह समझना चाहती है कि कुछ व्यवस्थाएं अपेक्षित तरीके से क्यों काम नहीं कर रही हैं और कंपनी के सामने क्या चुनौतियां हैं।

भाषा योगेश अजय

अजय


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