सूक्ष्म-वित्त क्षेत्र में सात तिमाहियों की गिरावट के बाद सुधार के संकेत: एमएफआईएन

सूक्ष्म-वित्त क्षेत्र में सात तिमाहियों की गिरावट के बाद सुधार के संकेत: एमएफआईएन

सूक्ष्म-वित्त क्षेत्र में सात तिमाहियों की गिरावट के बाद सुधार के संकेत: एमएफआईएन
Modified Date: June 12, 2026 / 09:54 pm IST
Published Date: June 12, 2026 9:54 pm IST

मुंबई, 12 जून (भाषा) सूक्ष्म-वित्त क्षेत्र में लंबे समय तक दबाव में रहने के बाद सुधार के शुरुआती संकेत दिखाई दिए हैं और वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में उद्योग के पोर्टफोलियो में तिमाही आधार पर बढ़त दर्ज की गई है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

सूक्ष्म-वित्त संस्थान नेटवर्क (एमएफआईएन) की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही के आंकड़े इस क्षेत्र में सुधार के संकेत दिखाते हैं। पोर्टफोलियो में लगातार सात तिमाहियों तक गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद इस तिमाही में तीन प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई।’’

रिपोर्ट कहती है कि 31 मार्च, 2026 तक इस उद्योग का कुल पोर्टफोलियो 3,25,174 करोड़ रुपये रहा।

सूक्ष्म-वित्त क्षेत्र कम आय वाले लोगों, छोटे कारोबारियों, स्वयं-सहायता समूहों (एसएचजी), ग्रामीण परिवारों को छोटी राशि के ऋण एवं अन्य वित्तीय सेवाएं मुहैया कराते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, पोर्टफोलियो के विस्तार को तिमाही के दौरान 77,524 करोड़ रुपये के ऋण वितरण से मदद मिली। यह पिछले सात तिमाहियों में सबसे अधिक है। हालांकि, यह वित्त वर्ष 2023-24 की समान तिमाही में दर्ज उच्चतम स्तर से अब भी कम है।

एमएफआईएन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं निदेशक आलोक मिश्रा ने कहा, ‘‘अब हम कह सकते हैं कि मुश्किलों से घिरे दो वर्षों के बावजूद उद्योग में सुधार हो रहा है।’’

रिपोर्ट के मुताबिक, वृद्धि में सुधार होने के साथ परिसंपत्ति गुणवत्ता भी बेहतर हुई है और सात तिमाहियों तक गिरावट के बावजूद ऋण की गुणवत्ता मार्च 2024 से पहले के स्तर पर वापस आ गई है।

इस दौरान वित्तपोषण की स्थिति भी सुधरी। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी-सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एनबीएफसी-एमएफआई) को वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 77,867 करोड़ रुपये का ऋण वित्तपोषण प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 30.9 प्रतिशत अधिक है।

भाषा यासिर प्रेम

प्रेम


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