पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच दूध की आपूर्ति निर्बाध जारी, दाम स्थिर: सरकार

पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच दूध की आपूर्ति निर्बाध जारी, दाम स्थिर: सरकार

पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच दूध की आपूर्ति निर्बाध जारी, दाम स्थिर: सरकार
Modified Date: April 21, 2026 / 05:08 pm IST
Published Date: April 21, 2026 5:08 pm IST

नयी दिल्ली, 21 अप्रैल (भाषा) सरकार ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बावजूद देशभर में दूध एवं दुग्ध उत्पादों की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं और आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आई है।

पशुपालन एवं डेयरी विभाग में निदेशक पूजा रुस्तगी ने पश्चिम एशिया के हाल के घटनाक्रम पर अंतर-मंत्रालयी बैठक में कहा कि दुग्ध क्षेत्र को ईंधन, गैस तथा प्लास्टिक पैकेजिंग सामग्री की आपूर्ति से संबंधित कोई समस्या नहीं है।

उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, डेयरी उद्योग को एलपीजी के स्थान पर पाइप से मुहैया कराई जाने वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

रुस्तगी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ मौजूदा पश्चिम एशिया संकट के बीच भी देशभर में दूध की खरीद, प्रसंस्करण एवं आपूर्ति बिना किसी बाधा के बनी हुई है। दूध और दुग्ध उत्पादों के दाम स्थिर हैं। बाजार में किसी प्रकार की आपूर्ति बाधित नहीं हुई है और संकट की अवधि के दौरान डेयरी किसानों को भुगतान भी जारी रहा है।’’

भारत, दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है। वर्ष 2024-25 के दौरान देश का कुल दूध उत्पादन 24.787 करोड़ टन रहा।

निदेशक ने बताया कि सोमवार को देशभर के राज्य दुग्ध महासंघों और दुग्ध संघों के साथ बैठक और दूध की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही डेयरी क्षेत्र पर पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव पर विचार किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘डेयरी क्षेत्र को ईंधन, गैस तथा प्लास्टिक पैकेजिंग सामग्री की आपूर्ति से संबंधित कोई समस्या नहीं है।’’

निदेशक ने बताया कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और डेयरी मूल्य श्रृंखला में सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

विभाग बदलती स्थिति का आकलन करने के लिए नियमित रूप से संबंधित पक्षों के साथ बैठकें कर रहा है।

ईंधन उपलब्धता पर रुस्तगी ने कहा कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आठ अप्रैल 2026 के आदेश से यह सुनिश्चित किया गया है कि डेयरी प्रसंस्करण संयंत्रों सहित महत्वपूर्ण उद्योगों को मार्च 2026 से पहले की गैर-घरेलू एलपीजी आपूर्ति का 70 प्रतिशत प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘इससे डेयरी संचालन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आई है। इसके बाद सभी डेयरी संयंत्रों को जहां संभव हो एलपीजी के स्थान पर पीएनजी अपनाने की सलाह दी गई है ताकि एलपीजी पर निर्भरता कम की जा सके।’’

प्लास्टिक पैकेजिंग सामग्री के संबंध में रुस्तगी ने कहा कि डेयरी क्षेत्र में इसकी कोई कमी नहीं है और आपूर्ति स्थिर बनी हुई है।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम पेट्रोरसायन पर संयुक्त कार्य समूह के सदस्य हैं, जिसका संयोजन पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय करता है। हमने पैकेजिंग सामग्री को लेकर अपनी चिंताएं रखीं जिन्हें सुलझा लिया गया है।’’

निदेशक ने बताया कि प्लास्टिक पैकेजिंग सामग्री के लिए आवश्यक कच्चे माल पॉलीप्रोपिलीन और पॉलीस्टाइरीन की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

रुस्तगी ने कहा कि विभाग देशभर में डेयरी क्षेत्र को पैकेजिंग सामग्री की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आपूर्तिकर्ताओं के साथ समन्वय कर रहा है।

निदेशक ने बताया कि 30 मार्च 2026 को एक विशेष पोर्टल शुरू किया गया, जिसमें सभी राज्य महासंघ और दूध संघ सदस्य हैं। यह मंच विभाग को दुग्ध उद्योग के लिए दूध, ईंधन और पैकेजिंग सामग्री की उपलब्धता की निगरानी में मदद कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘ निर्यात के संबंध में, निर्यातित माल को भारतीय बंदरगाहों पर आसानी से वापस लाने की सुविधा के लिए 25 मार्च 2026 को एक सरल पशु ‘क्वारंटीन’ प्रक्रिया अधिसूचित की गई थी।’’

भाषा निहारिका रमण

रमण


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