सेबी नियमों का अनुपालन नहीं करने के बावजूद मंत्रालयों, डीपीई ने सीपीएसई के एमओयू अंक नहीं काटे: कैग

सेबी नियमों का अनुपालन नहीं करने के बावजूद मंत्रालयों, डीपीई ने सीपीएसई के एमओयू अंक नहीं काटे: कैग

सेबी नियमों का अनुपालन नहीं करने के बावजूद मंत्रालयों, डीपीई ने सीपीएसई के एमओयू अंक नहीं काटे: कैग
Modified Date: August 13, 2026 / 10:53 am IST
Published Date: August 13, 2026 10:53 am IST

नयी दिल्ली, 13 अगस्त (भाषा) प्रशासनिक मंत्रालयों और सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) ने कॉरपोरेट कामकाज से जुड़े भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों का अनुपालन नहीं करने के बावजूद केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) के ‘एमओयू स्कोर’ में अंक नहीं काटे। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) द्वारा कॉरपोरेट कामकाज की समीक्षा में 65 ऐसे सीपीएसई को शामिल किया गया, जिनके शेयर/बॉन्ड शेयर बाजारों में सूचीबद्ध थे। इसके अलावा 36 सीपीएसई (जिनमें चार सांविधिक निगम शामिल हैं) के बॉन्ड/ऋणपत्र भी 31 मार्च 2024 तक शेयर बाजारों में सूचीबद्ध थे।

रिपोर्ट के अनुसार, सात सीपीएसई में समूचे 2023-24 में या इसके कुछ हिस्से के दौरान गैर-कार्यकारी निदेशकों की संख्या निदेशक मंडल की कुल संख्या की 50 प्रतिशत से कम थी।

इसमें कहा गया कि 49 सीपीएसई में उक्त अवधि के दौरान निदेशक मंडल में आवश्यक संख्या में स्वतंत्र निदेशक नहीं थे।

इसके अलावा, सात सीपीएसई के निदेशक मंडल में कोई महिला निदेशक नहीं थी। वहीं, शीर्ष 1000 सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल 16 सीपीएसई में 2023-24 के पूरे या कुछ हिस्से के दौरान कोई महिला स्वतंत्र निदेशक नहीं थी।

‘एमओयू स्कोर’ भारत में सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) का मूल्यांकन करने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक प्रदर्शन मूल्यांकन मानक है।

भाषा निहारिका

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