Ayodhya Ram Mandir New Dress Code: राम मंदिर के पुजारियों का बदला ड्रेस कोड, अब नहीं पहनेंगे सिले हुए कपड़े, आज से पहनेंगे ये खास पोशाक

Ayodhya Ram Mandir New Dress Code: राम मंदिर के पुजारियों का बदला ड्रेस कोड, अब नहीं पहनेंगे सिले हुए कपड़े, आज से पहनेंगे ये खास पोशाक

Ayodhya Ram Mandir New Dress Code: राम मंदिर के पुजारियों का बदला ड्रेस कोड, अब नहीं पहनेंगे सिले हुए कपड़े, आज से पहनेंगे ये खास पोशाक

Ayodhya Ram Mandir New Dress Code: राम मंदिर के पुजारियों का बदला ड्रेस कोड, आज से पहनेंगे ये खास पोशाक /image: Social Media

Modified Date: August 13, 2026 / 09:31 am IST
Published Date: August 13, 2026 9:30 am IST
HIGHLIGHTS
  • राम मंदिर में पुजारियों का नया ड्रेस कोड लागू किया गया है
  • अब पुजारी बिना सिले हुए वस्त्र धारण करेंगे
  • संतों ने पुराने ड्रेस कोड को अयोध्या की वैष्णव परंपरा के विपरीत बताते हुए बदलाव का सुझाव दिया था

अयोध्या।Ayodhya Ram Mandir New Dress Code: यूपी के अयोध्या स्थित राम मंदिर में पुजारियों का नया ड्रेस कोड आज 13 अगस्त से लागू कर दिया गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से धार्मिक न्यास समिति ने नए ड्रेस कोड को मंजूरी दे दी है। बता दें कि पिछले दिनों बैठक में पुजारियों के ड्रेस कोड पर आपत्ति जताई गई थी। अब पुजारी बिना सिले हुए वस्त्र ही पहनेंगे।

अब नहीं पहनेंगे सिले हुए कपड़े (Ram Mandir Dress Code)

Ayodhya News Today श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से राम मंदिर के पुजारियों के लिए ड्रेस कोड (Ayodhya Ram Mandir Dress Code) लागू किया गया था। जिसमें पुजारियों को पगड़ी के साथ-साथ पीत रंग की चौबंदी और सफेद धोती पहनने के निर्देश दिए गए थे। राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से पुजारियों को दी गई चौबंदी पर तीर्थ क्षेत्र का मोनोग्राम भी प्रिंट किया गया था।

क्यों बदला ड्रेस कोड? (Ram Mandir Latest News)

Ayodhya Ram Mandir New Dress Code राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से धार्मिक न्यास समिति की पहली बैठक में संतों ने पुजारियों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड को अयोध्या की वैष्णव परंपरा विपरीत बताया। संतों ने पुराने ड्रेस कोड को वैष्णव परंपरा के विपरीत बताया था और पुजारियों को बिना सिलाई किया हुआ वस्त्र धारण करने का सुझाव दिया था। जिसे राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि और अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने स्वीकार कर लिया।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.