मिथिला मखाना समुद्री मार्ग से पहली बार बिहार से किया गया दुबई निर्यात

मिथिला मखाना समुद्री मार्ग से पहली बार बिहार से किया गया दुबई निर्यात

मिथिला मखाना समुद्री मार्ग से पहली बार बिहार से किया गया दुबई निर्यात
Modified Date: January 21, 2026 / 09:49 pm IST
Published Date: January 21, 2026 9:49 pm IST

पटना, 21 जनवरी (भाषा) बिहार से पहली बार जीआई-टैग यानी भौगोलिक संकेतक प्राप्त मिथिला मखाना को समुद्री मार्ग से दुबई के लिए निर्यात किया गया है। दो टन की यह ऐतिहासिक खेप बुधवार 21 जनवरी को भेजी गई।

यह निर्यात वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, बिहार सरकार तथा कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), पटना के सहयोग से हुआ है। यह जानकारी कृषि विभाग ने दी।

उल्लेखनीय है कि मिथिला मखाना, जिसे भौगोलिक संकेतक (जीआई) प्राप्त है, बिहार के मिथिला क्षेत्र का पारंपरिक और पौष्टिक कृषि उत्पाद है। समुद्री मार्ग से इसका सफल निर्यात इस बात का संकेत है कि बिहार अब अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, पैकेजिंग, ट्रेसबिलिटी और लॉजिस्टिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हो चुका है।

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इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव की अध्यक्षता में एक डिजिटल तरीके से समारोह का आयोजन किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि जीआई-टैग उत्पादों का निर्यात किसानों की आय बढ़ाने और राज्य की वैश्विक पहचान मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि इस निर्यात से मखाना मूल्य शृंखला से जुड़े किसानों, किसान उत्पादक संगठनों और कृषि उद्यमियों को नए बाजार अवसर प्राप्त होंगे तथा भविष्य में बिहार से अन्य जीआई-टैग और मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

मंत्री ने कहा कि यह निर्यात बिहार के किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक तथा मील का पत्थर सिद्ध होने वाला कदम है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच स्थापित होने से मखाना उत्पादक किसानों को उनके उत्पाद का उचित और लाभकारी मूल्य प्राप्त होगा, जिससे उनकी आय में निरंतर और स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

समारोह में कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।

भाषा कैलाश

रवि कांत रमण

रमण


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