मार्च से अब तक पांच लाख से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन शुरू
मार्च से अब तक पांच लाख से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन शुरू
नयी दिल्ली, 21 अप्रैल (भाषा) पश्चिम एशिया संकट से एलपीजी की आपूर्ति पर बने दबाव के बीच मार्च से अब तक देश में पाइप वाली रसोई गैस (पीएनजी) के 5.01 लाख से अधिक नए कनेक्शनों में आपूर्ति शुरू हो चुकी है, जबकि 5.68 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी।
आपूर्ति गतिरोध के बीच सरकार ने रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की तुलना में अधिक सुविधाजनक विकल्प के रूप में पीएनजी को बढ़ावा देने के लिए कदम तेज किए हैं।
इस दौरान पीएनजी नेटवर्क के दायरे में आने वाले उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी में स्थानांतरित होने के लिए कहा गया है। इसके अलावा गैस पाइपलाइन बिछाने की मंजूरी प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
शर्मा ने बताया कि 19 अप्रैल तक करीब 39,400 उपभोक्ताओं ने पीएनजी आपूर्ति शुरू होने के बाद अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि घरेलू एलपीजी आपूर्ति फिलहाल स्थिर है और गैस वितरकों के स्तर पर किल्लत की कोई सूचना नहीं है। ऑनलाइन सिलेंडर बुकिंग दर 98 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि आपूर्ति सत्यापन कोड (डीएसी) पर आधारित आपूर्ति लगभग 92 प्रतिशत हो गई है।
वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को भी बढ़ाकर संकट से पहले के स्तर के करीब 70 प्रतिशत तक लाया जा चुका है। प्रवासी कामगारों के लिए पांच किलो वजन वाले सिलेंडरों की दैनिक आपूर्ति दोगुनी की गई है और मार्च के अंत से अब तक 19.2 लाख से अधिक छोटे सिलेंडर बेचे गए हैं।
इस बीच, प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को शहरी गैस वितरण नेटवर्क के लिए प्राथमिकता दी गई है, जिसमें घरेलू पीएनजी और परिवहन क्षेत्र के सीएनजी को पूर्ण आवंटन दिया गया है।
इसके अलावा, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड ने देशव्यापी पीएनजी विस्तार अभियान की समयसीमा 30 जून तक बढ़ा दी है।
भाषा प्रेम
प्रेम रमण
रमण

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