एमएसएमई, ओडीओपी ने रोजगार के चार करोड़ से अधिक अवसर तैयार किए: योगी आदित्यनाथ

एमएसएमई, ओडीओपी ने रोजगार के चार करोड़ से अधिक अवसर तैयार किए: योगी आदित्यनाथ

एमएसएमई, ओडीओपी ने रोजगार के चार करोड़ से अधिक अवसर तैयार किए: योगी आदित्यनाथ
Modified Date: September 21, 2026 / 01:22 pm IST
Published Date: September 21, 2026 1:22 pm IST

लखनऊ, 21 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि राज्य के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र और ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना ने रोजगार के चार करोड़ से अधिक अवसर पैदा किए हैं।

इसके साथ ही उन्होंने युवाओं से आगामी ‘यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो’ का उपयोग नए बाजार और अवसर तलाशने के एक बड़े मंच के रूप में करने का आह्वान किया।

ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले ‘यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो’ के चौथे संस्करण से पहले राज्य की जनता के नाम लिखे एक पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन का मकसद उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना और कारीगरों, उद्यमियों तथा किसानों के हुनर को दुनिया के सामने लाना है।

आदित्यनाथ ने लिखा, ”यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2023 में इसी उद्देश्य से शुरू किया गया था कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक मंच मिले और हमारे कारीगरों, उद्यमियों तथा खाद्य उत्पादकों के परिश्रम को दुनिया पहचाने।”

राज्य में रोजगार सृजन के प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब डबल-इंजन सरकार ने दायित्व संभाला था, तब रोजगार सृजन उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल था। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अकेले एमएसएमई क्षेत्र और ओडीओपी जैसी पहलों के माध्यम से चार करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब अपनी पुरानी ”बीमारू राज्य” की छवि से पूरी तरह बाहर निकल चुका है और देश की अर्थव्यवस्था के ”ग्रोथ इंजन” के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि राज्य का वार्षिक निर्यात अब दो लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है, जबकि 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी विभिन्न परियोजनाएं धरातल पर उतारी जा चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की वास्तविक ताकत केवल उसके विशाल बाजार और श्रमबल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं का कौशल तथा कारीगरों, शिल्पकारों व उद्यमियों की प्रतिभा भी इसमें शामिल है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, ‘स्टार्टअप नीति-2026’ और ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ जैसी नीतियां नवाचार, क्षमता निर्माण, उत्पाद विकास और बाजार पहुंच के नए अवसर उपलब्ध करा रही हैं।

भाषा सलीम पवनेश पाण्डेय

पाण्डेय


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