नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) मंडियों में सरसों की आवक बढ़ने के कारण देश के तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को सरसों तेल-तिलहन तथा सरसों की गिरावट के असर से सोयाबीन तेल-तिलहन के दाम नुकसान के साथ बंद हुए। दूसरी ओर, सूरजमुखी के महंगा होने तथा आयात कम रहने की वजह से मूंगफली की मांग बढ़ने के कारण मूंगफली तेल-तिलहन तथा सस्ता होने की वजह से नमकीन बनाने वाली कंपनियों की मांग के कारण बिनौला तेल के दाम में सुधार देखा गया। मलेशिया एक्सचेंज में मजबूती होने के बावजूद सरसों तेल की गिरावट के बीच पाम-पामोलीन तेल के दाम स्थिर बने रहे।
दोपहर 3.30 बजे मलेशिया एक्सचेंज मजबूत बंद हुआ। वहीं शिकॉगो एक्सचेंज में गिरावट का रुख था।
बाजार सूत्रों ने कहा कि शनिवार को मंडियों में करीब 10.5 लाख बोरी की आवक के मुकाबले सोमवार को आवक बढ़कर लगभग 14 लाख बोरी की हो गयी। हालांकि, सरसों की बड़ी मिल वालों ने सरसों के दाम नहीं घटाये और पर्याप्त लिवाली की, पर बाकी कारोबारी आवक बढ़ने के बीच दाम कम बोल रहे हैं जिससे सरसों तेल-तिलहन में गिरावट आई। हालांकि, सोयाबीन तेल से सरसों तेल का दाम जो पहले अधिक था वह अब 7-8 रुपये किलो कम हो चला है जिससे आगे मांग में तेजी आ सकती है।
उन्होंने कहा कि सरसों के दाम टूटने के असर से सोयाबीन तेल-तिलहन के दाम में भी मामूली गिरावट देखी गई। सरकार को बिजाई तक सोयाबीन की सरकारी बिकवाली रोकनी चाहिये और सरसों का स्टॉक बनाने पर ध्यान देना चाहिये। ऐसा करने से प्रतिकूल समय में स्थिति को संभालने में मदद मिल सकती है और किसानों को भी अच्छे दाम सुनिश्चित किये जा सकते हैं।
दूसरी ओर, सूरजमुखी तेल के महंगा होने की वजह से उपभोक्ता कंपनियों और विशेषकर गुजरात एवं महाराष्ट्र जैसे राज्य में आम उपभोक्ताओं में मूंगफली तेल की मांग बढ़ने से मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में सुधार आया। नमकीन बनाने वाली कंपनियों में मूंगफली, पाम-पामोलीन, गंधहीन बिनौला तेल की मांग रहती है तथा सूरजमुखी महंगा होने तथा बाकी इन तेलों में सस्ता होने की वजह से बिनौला तेल की मांग बढ़ने के कारण बिनौला तेल के दाम भी मजबूत बंद हुए।
सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में मजबूती होने के बावजूद सरसों तेल की गिरावट के बीच कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के दाम स्थिर बने रहे क्योंकि गर्मी के आने के बाद मांग में धीरे-धीरे सुधार होना शुरू हो गया है।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन – 6,650-6,675 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली – 7,100-7,575 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 17,250 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,730-3,030 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 13,825 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,340-2,440 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,340-2,485 रुपये प्रति टिन।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,350 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,800 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,850 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 13,050 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 14,150 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,750 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 13,700 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना – 5,600-5,650 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 5,200-5,250 रुपये प्रति क्विंटल।
भाषा राजेश
राजेश अजय
अजय