होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के लिए ट्रंप की युद्धपोत भेजने की मांग को लेकर नाटो में मंथन

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होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के लिए ट्रंप की युद्धपोत भेजने की मांग को लेकर नाटो में मंथन

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  • Publish Date - March 16, 2026 / 10:26 PM IST,
    Updated On - March 16, 2026 / 10:26 PM IST

ब्रसेल्स, 16 मार्च (एपी) होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के लिए कई देशों से युद्धपोत भेजने के डोनाल्ड ट्रंप के आह्वान के बीच यूरोपीय देशों ने सोमवार को यह जानना चाहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति की क्या योजना है, और संघर्ष संभावित रूप से कब समाप्त हो सकता है।

ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन समेत अन्य देश जो ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के प्रयास से प्रभावित हैं, वे समुद्री मार्ग को ‘‘सुरक्षित और खुला’’ रखने के लिए क्षेत्र में युद्धपोत भेजेंगे।

इसके अलावा, ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने चेतावनी दी कि ‘‘अगर कोई प्रतिक्रिया नहीं आती या नकारात्मक प्रतिक्रिया आती है तो मुझे लगता है कि यह नाटो के भविष्य के लिए बहुत बुरा होगा।’’

यूरोपीय संघ के विदेश मंत्री ट्रंप की मांग पर चर्चा करने के लिए एकत्रित हुए और इसी दौरान जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने कहा कि अमेरिका और इजराइल के लिए यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि वे कब तक मानते हैं कि उनके सैन्य उद्देश्य हासिल हो जाएंगे।

वाडेफुल ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमें इस मामले में और स्पष्टता की आवश्यकता है।’’

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के प्रवक्ता स्टीफन कोर्नेलिअस ने इस बात पर जोर दिया कि ‘‘इस युद्ध का नाटो से कोई लेना-देना नहीं है – यह नाटो का युद्ध नहीं है। नाटो गठबंधन क्षेत्र की रक्षा के लिए बना एक गठबंधन है।’’

एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गस त्साहकना ने कहा कि यूरोप में अमेरिका के सहयोगी ट्रंप के ‘‘रणनीतिक लक्ष्यों को समझना चाहते हैं कि आखिर उनकी योजना क्या है?’’

पोलैंड के विदेश मंत्री राडेक सिकोरस्की ने ट्रंप प्रशासन को उचित माध्यमों से आगे बढ़ने के लिए आमंत्रित किया।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि नाटो के माध्यम से कोई अनुरोध आता है, तो हम निश्चित रूप से अपने अमेरिकी सहयोगियों के प्रति सम्मान और सहानुभूति के साथ इस पर बहुत सावधानीपूर्वक विचार करेंगे।’’

एपी शफीक रंजन

रंजन